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Chandigarh News: आई फ्लू का बढ़ा प्रकोप, तीन गुना बढ़ी आई ड्रॉप की खपत

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मोहाली। आई फ्लू की चपेट में इन दिनों हर उम्र के लोग आ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में इन दिनों आई फ्लू के मरीजों की संख्या में खासा इजाफा देखा जा रहा है। इसका असर दवा बाजार में दिखने लगा है। आई ड्रॉप की मांग अचानक बढ़ी गई है। इससे मेडिकल की दुकानों पर आंखों की दवाओं का स्टॉक कम पड़ने लगा हैं। इसका फायदा उठाकर कुछ दवा विक्रेता कई जरूरी आई ड्रॉप को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। इतना ही नहीं सन ग्लासेज और ब्लैक चश्मे की डिमांड भी बढ़ गई है। दवा विक्रेताओं ने बताया कि पहले आम दिनों में रोजाना 5-6 आई ड्रॉप्स बिकती थीं जो अब एक दिन में 50-60 के बिकने लगी हैं इसलिए रोज भारी स्टॉक आई ड्रॉप्स का निकल रहा है। यहां तक की ऑर्डर करने पर भी स्टॉक मिल नहीं पा रहा है। सप्लायर का कहना है कि मांग बढ़ने से दवाइयों की कमी आ गई है। जिला अस्पताल व आंख अस्पताल में आई फ्लू से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। शनिवार को फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल की आंखों की ओपीडी में 156 मरीज आए जिनमें से 76 नए मरीज आई फ्लू से ग्रस्त हैं, दो अगस्त को 68 केस, एक अगस्त 89 केस, 29 जुलाई को 167 केस सामने आए थे। इनके अलावा कई लोग निजी अस्पताल से ही इलाज करवा रहे हैं। हालात यह हैं कि एक ही परिवार के कई सदस्य आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं।
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बाजार में इन आई ड्रॉप की कमी
मॉक्सिसिप, मोसी-डी, सिपलाॅक्स, सिपलाॅक्स-डी, गलाइटियर्स, लूबरेक्स, पेरीमोन, मोसी केटी, ओफ्लेकैम-डी, माइसिन आदि दवाइयों की कमी है।

इन बातों का रखें ध्यान
नेत्र रोग विशेषज्ञ नयनशीं सूद ने कहा कि आई फ्लू होने पर आंखों को बार-बार हाथ से न छुएं, घर आने पर साबुन से हाथ साफ करें, आंख से पानी आ रहा है तो रुमाल का इस्तेमाल करें, बिना चिकित्सक की सलाह के किसी ड्रॉप का प्रयोग न करें, आई फ्लू से ग्रसित व स्वस्थ व्यक्ति भी चश्मे का प्रयोग करें, आई फ्लू से ग्रसित व्यक्ति से संभव हो सके तो दूरी बनाकर रखें, आंखों पर काले चश्मे पहनें।
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