डॉलर की अस्थिरता का असर किसानी पर भी पड़ रहा है। डॉलर की कीमत बढ़ने के चलते विदेशों से आने वाली डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) की कीमत बढ़ गई है। कृषि विभाग ने डीएपी की कमी का अंदेशा जाहिर करते क्षेत्रीय अधिकारियों को किसानों को जागरूक करने ओर स्टाक करने को लेकर चौकसी की हिदायतें जारी की हैं।
ब्लाक कृषि अफसर डॉ. हरनेक सिंह रोडे ने पत्र की पुष्टि करते हुए बताया डीएपी खाद का रेट अब बढ़ गया है। उन्होंने कहा डीलरों या सहकारी समितियों के पास पुरानी खाद का स्टाक पड़ा है, उन्हें बैग पर प्रिंट पुराने रेट पर बेचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग रबी फसलों के लिए किसानों को खाद मुहैया करवाने के लिए मुस्तैद हो गया है।
उन्होंने कहा कि किसानों को आसानी से खाद के लिए किसी किस्म की लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जायेगी। साथ ही किसानों से अपील की है कि वह दुकानदारों के बहकावे में न आएं और उनको खाद के लिए कोई मुश्किल नहीं आने दी जायेगी। डायरेक्टर कृषि एवं किसान भलाई विभाग पंजाब ने राज्य भर के समूह मुख्य कृषि अफसरों को डीएपी खाद की कमी का अंदेशा जाहिर करते किसानों को जागरूक करने एवं एजेंसियों व अन्य बिक्री केंद्रों की ओर से डीएपी खाद का स्टाक करने पर चौकसी रखने के लिए कहा गया है।
पत्र में स्पष्ट लिखा है कि गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी की स्टॉकिंग प्राईवेट कंपनियों और मार्कफेड की ओर से की जा रही है। डीएपी के बाहरी देशों से आने और डॉलर की कीमत अस्थिरता के कारण खाद के रेटों में भी भारी उतार चढ़ाव आ रहा है। डीएपी खाद का 50 किलो बैग का रेट 1250 रुपये से 1390 रुपये हो गया है। इसके मद्देनजर डीएपी के रेट पर पूरी नजर रखने और खाद डीलर, सोसाइटी आदि को डीएपी के बैग पर प्रिंट से अधिक रेट पर खाद न बेचने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों से खाद खरीदते समय पक्का बिल लेने के लिए भी कहा गया है।