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Chandigarh News: 18 साल पुराने दो संगीन मामलों में बब्बर खालसा आतंकी हवारा पर आज भी नहीं हो सके आरोप तय

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चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्या दोषी और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी जगतार सिंह हवारा के खिलाफ 18 साल पहले बेहद संगीन धाराओं में दर्ज हुए दो आपराधिक मामलों में अभी तक आरोप तय करने की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। शुक्रवार को चंडीगढ़ जिला अदालत में हवारा के खिलाफ दर्ज सेक्टर- 17 और सेक्टर 36 पुलिस थाने में दर्ज दोनों आपराधिक मामलों में सुनवाई हुई। हवारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिल्ली की तिहाड़ जेल से पेश भी हुआ। हालांकि इसके बावजूद आरोप तय को लेकर बहस नहीं हो पाई। अब हवारा के खिलाफ 1 अगस्त को आरोप तय की सुनवाई होगी। हवारा के वकील अमर सिंह चहल ने कहा कि हवारा को शारीरिक रूप से चंडीगढ़ की अदालत में पेश किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा कारणों से हवारा को चंडीगढ़ नहीं लाया जा रहा है। तिहाड़ जेल प्रशासन इस संबंध में जिला अदालत को एक पत्र भी लिख चुका है। हवारा के खिलाफ अब इन दोनों मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 1 अगस्त को सुनवाई होगी। बता दें कि जगतार सिंह हवारा के खिलाफ सेक्टर- 17 पुलिस थाने में वर्ष 2005 में देश के खिलाफ जंग छेड़ने, साजिश रचने, हथियार इकट्ठा करने और दंगा भड़काने जैसा कृत्य करने समेत आर्म्स एक्ट तथा एक्सप्लोसिव एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इन्हीं धाराओं में सेक्टर- 36 पुलिस थाने में भी वर्ष 2005 में हवारा के खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ था। इन दोनों मामलों की सुनवाई जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में संयुक्त रूप से चल रही है। हवारा के वकील अमर सिंह चहल का कहना है कि वह लंबे समय से हवारा को शारीरिक रूप से चंडीगढ़ की अदालत में पेश करने की मांग कर रहे हैं। हवारा पर आरोप और ट्रायल वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए नहीं हो सकता, क्योंकि आरोपी से केस के सिलसिले में लगातार बातचीत भी करनी होती है। ऐसे में जब तक हवारा के खिलाफ इन दोनों की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक हवारा को बुड़ैल जेल में रखना चाहिए।
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बता दें कि हवारा के खिलाफ मोहाली की जिला अदालत में भी कई साल पुराने दो आपराधिक मामले लंबित हैं। उनमें भी हवारा की पेशी नहीं हो सकी है। मोहाली अदालत हवारा के प्रोडक्शन वारंट भी जारी कर चुकी है। अमर सिंह चहल का कहना है कि हवारा को जब पंजाब में दर्ज आपराधिक मामलों में अमृतसर, लुधियाना और खरड़ की अदालतों में पेश किया जा सकता है तो चंडीगढ़ प्रशासन हवारा को पेश क्यों नहीं करवा पा रहा है। चंडीगढ़ जिला अदालत में हवारा के खिलाफ चल रहे मामलों में पिछले वर्ष अदालत ने बीते 4 अक्टूबर को हवारा के प्रोडक्शन वारंट जारी करते हुए 17 दिसंबर, 2022 को उसे पेश करने के आदेश दिए थे। हालांकि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से हवारा को पेश करने में असमर्थता जाहिर की थी।
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