एनआरआई ने पंजाब के सांसद चंदूमाजरा पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी। आरोप से राजनीति गहमागहमी बढ़ गई। एनआरआई एवं नवांशहर निवासी इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स आर्गेनाइजेशन के प्रधान जसप्रीत सिंह सिद्धू ने श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मानवाधिकार आयोग का सदस्य बनाने के लिए सांसद ने उनसे एक करोड़ रुपये लिए हैं। उन्होंने कहा कि यह रकम पार्टी फंड के रूप में ली गई।
आरोपी ने न तो उन्हें सदस्य बनाया और न अब रुपये वापस किए जा रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में राज्य के विधायकों, सांसदों और कई नामचीन लोगों को पत्र भेजे हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ पुलिस को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी है। यह जानकारी एनआरआई ने फेज-5 में प्रेस कांफ्रेंस में दी। दूसरी तरफ सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
प्रेस कांफ्रेंस में एनआरआई ने कहा कि उनका मकान सेक्टर-33 चंडीगढ़ में है। पैसे का लेन देन भी चंडीगढ़ में हुआ। ऐसे में उन्होंने चंडीगढ़ में शिकायत दी है। उन्होंने एक रिकॉर्डिंग भी मीडिया को सुनवाई। हालांकि, उसमें कुछ साफ साबित नहीं हो रहा था। एनआरआई ने कहा कि उसके पास इसके अलावा अन्य सबूत भी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अगर कार्रवाई नहीं करेगी तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में सीबीआई जांच करवाना चाहते हैं, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
उन्होंने कहा कि अगर इस दौरान किसी भी तरह का कोई नुकसान होता है तो उसके लिए सांसद चंदूमाजरा जिम्मेदार होंगे।
बाद में सांसद ने मिलना छोड़ दिया
जसप्रीत ने बताया कि पेमेंट करने के बाद वह कई बार सांसद से मिले, लेकिन सांसद हर बार उसे टरकाते रहे। बाद में उन्होंने उनसे मिलना दिया था। इसके बाद जब पद व पैसे नहीं मिले तो उन्होंने पैसे मांगने के लिए सांसद की मेल पर पोस्ट डाली। इसके बाद उसे जत्थेदार का फोन आया।
क्या कहते हैं सांसद चंदूमाजरा
सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि यह व्यक्ति एक साजिश के तहत उन्हें बदनाम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि इस व्यक्ति ने नेताओं को पत्र भेजा है तो उन्होंने एसएसपी नवांशहर को शिकायत दी थी। इसमें कहा था कि मामले की जांच की जाए। यदि मामले में जत्थेदार मल्ला दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।