गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को चंडीगढ़ में अपने आठ घंटे के दौरे में शहर को छह सौगातें दीं। शाह ने दिन में इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई, वहीं मौलीजागरां, किशनगढ़ व सेक्टर-12 के राजकीय आदर्श उच्च विद्यालयों के लोकार्पण किया। सेक्टर-43 स्थित मल्टीलेवल पार्किंग का शिलान्यास और पोषण लड्डू अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप भाग्यशाली हैं क्योंकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत पढ़ाई करेंगे। भविष्य में छात्र को मिलने वाली संभावनाओं को देखकर इसे तैयार किया गया है।
प्रशासक ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि किसी को कुछ देना है तो उसे शिक्षा दीजिए। आज भी हमारी यह संस्कृति कायम है क्योंकि हमारी संस्कृति धर्म पर आधारित है। जब बात संस्कृति की है तो गुरु विश्वामित्र और महर्षि संदीपनि को नहीं भूलना चाहिए। उनके यहां राजा का बेटा भी आम छात्र के समान था। मुगलों ने भारतीय संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया, उसके बाद अंग्रेजों ने शिक्षा को बदलने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए इसलिए भारतीय संस्कृति महान है। वर्तमान शिक्षा पद्घति में स्किल डेवलपमेंट जरूरी है ताकि छात्र कुछ नया सीख सकें। छात्रों को अपना रोल मॉडल जरूर बनाना चाहिए। उन्हें चरित्र निर्माण पर ध्यान देना चाहिए। इसके लिए जरूरी है सादा जीवन। सादा जीवन जीने के लिए अपनी आवश्यकताओं को कम करो। मुझे याद है कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम दो सूटकेस लेकर राष्ट्रपति भवन में आए थे और जाते समय उनके पास वही दो सूटकेस थे। वास्तव में रोल मॉडल ऐसे होने चाहिए। सलाहकार ने कहा कि प्रधानमंत्री की दो पंक्तियां मुझे आज भी याद हैं। उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना है और दूसरा नशा मुक्ति को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति। अब इन दोनों पंक्तियों को चरितार्थ होते देख रहा हूं।
सांसद किरण खेर ने कहा कि मुझे पूर्व पार्षद अनिल दुबे ने कई बार स्कूल बनाने के लिए कहा। कई समस्याओं से जूझते हुए स्कूल का निर्माण करवाया। चंडीगढ़ में बच्चों के साथ उनके परिजनों को भी शिक्षित किया जाता है। ली कार्बुजिए ने बेशक शहर को डिजाइन किया हो लेकिन यह शहर मां चंडी का शहर है। एक बालिका शिक्षित होती है तो आगे की पीढ़ी स्वयं शिक्षित हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी जब चंडीगढ़ में थे तो महिलाओं को आगे बढ़ाने का काफी प्रयास किया था। प्रधानमंत्री और अमित शाह को देखकर ही मैं राजनीति की ओर बढ़ी। भयानक बीमारी से ठीक होकर अब मैं वापस आ गई हूं। कसम खाती हूं कि अब यहीं रहूंगी, वापस जाने वाली नहीं हूं।
शाह की आने की तैयारियों को देखते हुए मौलीजागरां में पुलिस ने सभी दुकानों को बंद करवा दिया था। किसी भी व्यक्ति को बिना पूछताछ के नहीं जाने दिया जा रहा है। वहां एक तरह से कर्फ्यू जैसा माहौल था। इस दौरान वहां पूर्व पार्षद अनिल दुबे की स्वागत करते हुए होर्डिंग भी लगी थीं। इस पर आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि इन होर्डिंग को लगाने के लिए निगम ने कोई अनुमति नहीं दी है। ज्ञात हो कि इसी तरह की होर्डिंग सेक्टर-15 में पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत की लगी थी तब निगम ने ए राजा वडिंग का चालान काट दिया था।
मौलीजागरां में मंच पर कुर्सी को लेकर काफी बवाल हुआ। सांसद की कुर्सी गृह मंत्री के बगल से न लगाने पर किरण खेर ने नाराजगी जताई। इस दौरान प्रशासक के सलाहकार ने कहा कि ऐसे ही कुर्सियां लगाने के लिए मंत्रालय से कहा गया है। इस पर सांसद तत्काल केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के पास पहुंचीं और समस्या बताई। उन्होंने कहा कि यह आपका संसदीय क्षेत्र है। कुर्सी तो गृह मंत्री के साथ ही लगनी चाहिए। काफी बवाल के बाद शिक्षा सचिव पूर्वा गर्ग ने तत्काल मंच पर रखी कुर्सियों की पर्चियां बदलवा दीं।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग की अव्यवस्था भी दिखी। जिस स्कूल में कार्यक्रम था, वहां दो दिनों की छुट्टी कर दी गई थी। अन्य स्कूलों में बच्चों को सुबह 8 बजे ही बुला लिया गया और वहां से दोपहर 12 बजे बच्चों को मौलीजागरां के स्कूल में लाया गया। बच्चों को बताया गया था कि कार्यक्रम स्थल पर खाना मिलेगा लेकिन दोपहर तक कुछ खाने को नहीं मिला तो बच्चे बाहर कुछ लेने जाने लगे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। भूखे बच्चे किसी तरह पूरे दिन पानी पीकर काम चलाते रहे। शाम को लगभग साढ़े पांच बजे अमित शाह कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम के अंत में वह बच्चों से मिले तो भूख छोड़ बच्चे भी खुश हो गए। शाम को लगभग 7 बजे जाकर विभाग ने बच्चों को स्वल्पाहार दिया गया। बच्चों ने बताया कि उनका टिफिन भी स्कूल में रह गया था।