चंडीगढ़। रेलवे स्टेशन के नजदीक का गांव दड़वा की गली नंबर 9 में रहने वाले लोग पीलिया और टाइफाइड की चपेट में हैं। पीलिया के शिकार अधिक घरों में हैं। अमर उजाला के संवाददाता ने दड़वा की गली नंबर 9 के घरों में जाकर वहां के हालात जाने।
गली नंबर 9 जंगल के साथ लगती है। जंगल में इन्हीं मकानों के पास सीवर ओवरफ्लो रहता है। बदबू इतनी है कि वहां खड़ा होना मुश्किल है। लोग घरों में कैद रहने के लिए मजबूर हैं। मकान नंबर 334/5 में रहने वाली शबाना परवीन का बेटा बीमार है। दो दिन पहले उसे बुखार हुआ। बेटे ने कहा कि उसे चक्कर आ रहे हैं। जांच कराई तो पता चला कि उसे पीलिया है। उसका इलाज पंचकूला के सेक्टर-6 अस्पताल में चल रहा है। मकान नंबर 334/4 के निवासी सौदागर सिंह के बेटे बरींद्रजीत सिंह की तबीयत 15 दिन पहले खराब हो गई थी। उनकी जांच हुई तो उन्हें भी पीलिया होने का पता चला।
गांव दड़वा में फरवरी महीने से ही लोग पीलिया के शिकार हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि गंदे पानी के कारण यह हो रहा है। गली नंबर 9 में रहने वाले लोगों में काफी दहशत है। यहां से लिंक गलियों में रहने वालों को और अधिक परेशानी हो रही है।
करमजीत सिंह की तबीयत 30 मार्च से खराब है। 8 अप्रैल को जांच रिपोर्ट आने पर पता चला कि उन्हें पीलिया और टाइफाइड है। करमजीत सिंह का कहना है कि उनकी पत्नी और बेटे का भी पेट खराब है। उनका इलाज सेक्टर-16 के जीएमएसएच में चल रहा है। वे अपने घर में सप्लाई होने वाला पानी नहीं पी रहे हैं। बोतल का पानी खरीदकर पी रहे हैं। डॉक्टर ने उन्हें नल का पानी पीने से मना किया है। आसपास की गलियों के कई घरों के लोग भी बीमार हैं।
मकान नंबर 330/वाई निवासी युनुस ने बताया कि उनका 7 वर्षीय बेटा भी बीमार था। उसकी तबीयत फरवरी में खराब हुई थी, हालांकि अब वह ठीक है। पास के मकान में रहने वाली इलमा की बेटी भी बुखार से पीड़ित हुई। जांच कराने पर उसे भी पीलिया बताया गया।