डेराबस्सी। रविवार रात अमलाला गांव में भैंसों का टेंपो में ले जा रहे युवकों को चोर समझकर पीट दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने टेंपो चालक और उसके दो साथियों को भीड़ से बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। जांच में तीनों निर्दोष पाए गए हैं। एएसआई नाथी राम ने बताया कि गांव सेलमपुर सेखा, संभू के तीन युवक टेंपो चलाते हैं और अलग-अलग जगहों से भैंस खरीदकर डेराबस्सी के पास मीट प्लांट में बेचते हैं। बीती रात भी उक्त युवक गांव अमलाला की तरफ से भैंस लेकर डेराबस्सी की ओर आ रहे थे जिन्हें ग्रामीणों ने चोर समझकर पकड़ लिया। जांच के दौरान उनके पास मिले पशुओं के मालिक पुलिस स्टेशन पहुंचे और बताया कि युवकों ने भैंसें खरीदी थीं। एक वाहन में अधिक पशुओं को लाना गलत है। इन्हें ले जाने वाले युवकों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
कैंटर चालक जोगा सिंह (22), कीमत सिंह (22), निशान सिंह (23) सभी वासी गांव सलेमपुर सेखां ने बताया कि वह जानवरों की खरीद-फरोख्त करते हैं। बीती रात जब ग्रामीणों ने उन्हें रोका तो उन्होंने गुहार लगाई कि वह चोर नहीं हैं। करीब साढ़े नौ बजे रहे थे लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी। लोगों ने उन्हें बेरहमी से पीटकर घायल कर दिया। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने उन्हें चोर बनाकर वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इससे उन्हें भारी अपमान का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, उनके परिवार भी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।
चोरों की जगह बेकसूर की पिटाई की तीसरी घटना
डेराबस्सी में चोरी, लूटपाट की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसे देखते हुए गांवों में लोग सतर्क हैं। चोर तो नहीं मिले लेकिन कई जगहों पर निर्दोष लोगों की पिटाई हुई है। मुबारिकपुर में भी ऐसा मामला सामने आ चुका है। अमलाला निवासियों ने बताया कि उनके गांव में कई चोरियां हो चुकी हैं, जिसके कारण ग्रामीण रात में सतर्क रहते हैं। बीती रात जब उक्त वाहन चालक व उसके साथियों को रोककर बात की गई तो वह उचित जवाब नहीं दे रहे थे।