पंजाब से युवाओं के पलायन पर बात करते हुए इम्तियाज ने कहा कि लोग देश छोड़कर जा रहे हैं लेकिन युवाओं को अपने धर्म की तरह संस्कृति को भी साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने भंगड़ा, झूमर, लुड्डी और सम्मी का नाम लेते हुए कहा कि ये पंजाब की पहचान हैं। पंजाब से अपने प्यार और लगाव के बारे में बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से यहां फिल्में शूट करने आ रहे हैं। उन्हें यहां हमेशा प्यार मिला है। इस दौरान जब उनसे उनकी सबसे बेहतरीन फिल्म के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा अभी मेरा बेहतरीन काम आना बाकी है। मैं भी खुद की क्षमताओं को पहचान रहा हूं।
जब वी मेट में बहुत मजाकिया लगा था गन्ने के खेत वाला सीन
फिल्म जब वी मेट पर बात करते हुए इम्तियाज अली ने बताया कि अंशुमन का गन्ने के खेत वाला सीन जहां वह कहता है क्यों देखूं मैं गन्ने के खेत... नहीं देखने मुझे गन्ने के खेत, उन्हें बहुत मजाकिया लगा था लेकिन लोगों की इस पर क्या प्रतिक्रिया होगी यह उन्हें अंदाजा नहीं था। उस सीन का कोई निश्चित उद्देश्य नहीं था पर उन्हें अच्छा लगा तो इस सीन को फिल्म में रख लिया और लोगों को वह पसंद आया।