सीएसआईआर-इमटेक के वैज्ञानिकों ने नोवेल कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 पूरा जीनोम सिक्वेंस तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। जीनोम अनुक्रमण (जीनोम सिक्वेंसिंग) उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसकी मदद से किसी विशेष जीव की पूरी डीएनए श्रृंखला का पता लगाया जाता है।
इमटेक के डायरेक्टर संजीव खोसला ने वीरवार को बताया कि इस रिसर्च पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं लेकिन देश भर में पहुंचे नमूनों पर इसके लिए काम होगा तभी कोविड की हिस्ट्री निकलकर आएगी। इमटेक सीएसआईआर के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर कोरोना के संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच कर रहा है।
यह संस्था नॉर्थ के मरीजों के पॉजिटिव नमूनों के जरिए यह पता लगाएगा की वायरस कहां से आया, किस प्रकार से इसने अपना विकास किया और इसकी रफ्तार कितनी रही। इसके जरिए दवा आदि बनाने में मदद मिलेगी। लेकिन वायरस की पूरी हिस्ट्री तभी निकलकर आएगी, जब इसकी जांच पूरे देश में होगी।
इस पर रिसर्च के जरिए कई बातें सामने आएंगी। वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि सीएसआईआर-इमटेक ने सीएसआईआर की ही जिनोमिक्स, मेडिसिन और कोशिका विज्ञान में विशेषज्ञता प्राप्त अन्य प्रयोगशालाओं की मदद से देश में सार्स-सीओवी-2 की विभिन्न प्रजातियों का बड़े पैमाने पर जीनोम अनुक्रम तैयार करने की महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू करने का फैसला किया है।