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कुख्यात चीता तक ऐसे पहुंची पुलिस, अब पंजाब के तस्कर और कश्मीरी आतंकियों पर होंगे अहम खुलासे

Sun, 10 May 2020 05:28 PM IST
ajay kumar अशोक नीर, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अमृतसर कोर्ट में रणजीत सिंह चीता को पेशी के लिए ले जाती पंजाब पुलिस।
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जून 2019 में अटारी सीमा पर स्थित इंटरग्रेटेड चेक पोस्ट(आईसीपी) में पाकिस्तान से आयात किए सेंधा नमक की बोरियों में 532 किलोग्राम हेरोइन व 52 किलो अन्य नशीले पदार्थों के पैकेट बरामदगी में एक कुली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस कुली ने नमक की लोडिंग करते समय जब देखा की बोरियों में नमक नहीं पैकेट है तो उसने इसकी जानकारी कस्टम अधिकारियों को दी थी। 

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बोरियों की जांच के बाद विभाग को 532 किलो हेरोइन के पैकेट बरामद हुए थे। आईसीपी की स्थापना के बाद पाकिस्तान से आने वाले नशीले पदार्थों में हेरोइन की सप्लाई की यह सबसे बड़ी खेप थी। पुलवामा आंतकी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान से आयात किए जाने वाले नमक पर 200 फीसदी कस्टम ड्यूटी बढ़ाये जाने के बावजूद अमृतसर के एक व्यापारी गुरपिंदर सिंह ने कश्मीर के हंदवाड़ा के एक व्यक्ति तारिक अहमद के निर्देश पर नमक की खेप पाकिस्तान से मनवाई थी।

बाद में गुरपिंदर की इलाज के दौरान अमृतसर के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। जांच के दौरान इस हेरोइन की खेप को पाकिस्तान से मंगवाने के पीछे सीमावर्ती गांव हवेलियां में रहने वाले इंटरनेशनल तस्कर रणजीत सिंह उर्फ चीता व उसके भाई गगनदीप सिंह की साजिश सामने आई थी। हेरोइन की खेप बरामद होने के बाद ही चीता अपने भाई के साथ फरार हो गया था। उसकी तलाश में पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी की बड़ी कोशिश की लेकिन वह हाथ नहीं आया। 

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लॉकडाउन के दौरान पंजाब पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकी हिलाल अहमद बानी को 29 लाख की नकदी के साथ गिरफ्तार किया था। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दो दिन पूर्व गुरदासपुर से कश्मीर के आतंकियों के साथ संबंध रखने वाले दो स्थानीय लोगों को अरेस्ट किया था। अमृतसर के गुरु रामदास एवेन्यू के रहने वाले बिकरम सिंह उर्फ विक्की और उसके साथी मनिंदर सिंह उर्फ मनी को 32 लाख की राशि के साथ गिरफ्तार किया था। इन सभी के संबंध कश्मीर में मारे गए आतंकी नाइकू के साथ थे। 
 
पंजाब के तस्करों व कश्मीरी आतंकवादियों के गठजोड़ के होंगे कई खुलासे 

सीमापार से तस्करी से आनेवाली हेरोइन की खेप के पीछे कश्मीर के आतंकवादियों व पंजाब के इंटरनेशनल तस्करों के बीच गठजोड़ है। हेरोइन की बिक्री से मिलने वाली ड्रग मनी का एक बड़ा हिस्सा कश्मीर में बैठे आतंकवादियों के पास पहुंचाया जाता है। हिजबुल के एक आंतकी की अमृतसर में 29 लाख के साथ की गई अरेस्ट के बाद गुरदासपुर से दो स्थानीय तस्करों से 32 लाख की राशि बरामद होना इस बात का संकेत है कि यह राशि कश्मीर के आतंकवादियों को भेजी जानी थी।

चीता व गगनदीप की गिरफ्तारी के बाद पंजाब में बैठे तस्करों व खालिस्तानी आतंकवादी संगठनों का कश्मीर के आतंकवादी संगठनों के गठजोड़ के बारे में कई खुलासे होने की संभावना है। पंजाब के तस्कर कश्मीर के आतंकवादियों को कब से ड्रग मनी की सप्लाई कर रहे है चीता को इसकी जानकारी है।

एनआईए और पंजाब पुलिस के ऑपरेशन की भी सिरसा पुलिस को नहीं लगी भनक

अटारी बॉर्डर से अमृतसर में नमक की खेप में करीब 2700 करोड़ रुपये की हेरोइन लाने के मामले में वांछित रणजीत सिंह और गगनदीप सिंह को एनआईए, पंजाब पुलिस और सिरसा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा रणजीत सिंह अपने परिवार के साथ पहचान छिपाकर आठ महीने से सिरसा में रह रहा था। इसके बावजूद सिरसा में उसके छिपे होने की जानकारी स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को नहीं थी। इतना ही नहीं, सिरसा पुलिस को एनआईए और पंजाब पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन की भनक तक नहीं लगी। रणजीत के परिवार को आंगन में बैठाकर वहां खुदाई करने के बाद और पूछताछ के बाद ही सिरसा पुलिस को घर के अंदर आने दिया।

20 से 25 गाड़ियों में आई एनआईए और पंजाब पुलिस टीम
सूत्रों के मुताबिक सिरसा में रणजीत सिंह और गगनदीप के होने की पुख्ता जानकारी एनआईए और पंजाब पुलिस के पास ही थी। सिरसा पुलिस को एनआईए और पंजाब पुलिस ने इस ऑपरेशन की सूचना दी थी, लेकिन सिरसा पुलिस को यह नहीं बताया गया था कि ऑपरेशन क्या है। हालांकि सिरसा पुलिस ने सभी एसएचओ को शुक्रवार रात को तैयार रहने के आदेश दिए थे। एनआईए, पंजाब पुलिस के एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी 20 से 25 गाड़ियों में सवार होकर सिरसा पहुंचे।

एसएचओ, डबवाली सीआईए और सिरसा सीआईए को किया था अलर्ट
सिरसा पुलिस के तीन थानों के एसएचओ, डबवाली सीआईए और सिरसा सीआईए स्टाफ को अलर्ट किया गया था और सभी को रात एक बजे के बाद तैयार रहने के निर्देश थे। बुलेट प्रूफ जैकेट और हथियारों के साथ देखकर सिरसा पुलिस को अंदाजा हो गया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। लेकिन क्या होगा, इसकी कोई सूचना नहीं थी। सिरसा पहुंचते ही एनआईए और पंजाब पुलिस ने सदर थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इसके बाद स्थानीय पुलिस को लेकर बेगू रोड कीर्तिनगर चौकी के पास पहुंच गए। सिरसा पुलिस को वहीं पर ही रोक दिया गया। करीब चार बजे एनआईए और पंजाब पुलिस की टीम बेगू रोड पर मिल्क प्लांट से आगे स्थित एक घर में दाखिल हो गई। एनआईए और पंजाब पुलिस की टीम ने रणजीत और गगनदीप को अंदर ही पकड़ लिया। सुबह करीब 6 बजे के बाद सिरसा पुलिस को घर में दाखिल होने दिया गया।

खुदाई में क्या मिला, किसी को पता नहीं

रणजीत के पूरे परिवार को आंगन में बैठाया हुआ था, करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। एनआईए और पंजाब पुलिस ने आंगन में खुदाई की, साथ ही घर के पीछे भी खुदाई की। हालांकि खुदाई में क्या मिला, ये किसी को पता नहीं। रणजीत जिस घर में किराए पर रहता था वह दो मंजिला मकान था। मकान के आगे एक बड़ी दुकान थी, जिसमें कि वह कार खड़ी करता था, जबकि घर के पीछे भी एक दरवाजा था।  

गुरमीत सिंह ने किया था एडवोकेट के साथ करारनामा
 दोनों भाई सितंबर 2019 से सिरसा के बेगू रोड पर रह रहे थे। गगनदीप के साढू वैदवाला निवासी गुरमीत सिंह ने शहर के बेगू रोड पर एडवोकेट जगदेव सिंह का मकान दिलाया था। वकील जगदेव सिंह के साथ गुरमीत सिंह ने ही मकान का करारनामा किया था। गुरमीत सिंह ने वैदवाला गांव के ही एक व्यक्ति के माध्यम से यह मकान रणजीत सिंह को दिलाया था।

हर माह 15 हजार रुपये अदा करता था किराया
रणजीत बेगू रोड मुख्य मार्ग पर एकांत में पड़े इस मकान का हर महीने 15 हजार रुपये किराया अदा करता था। गुरमीत सिंह ही मकान का किराया देने एडवोकेट जगदेव सिंह के पास कोर्ट में जाता था। एडवोकेट जगदेव सिंह ने बताया कि उससे गुरमीत सिंह ने मकान किराए पर लिया था। बाकायदा करारनामे पर गुरमीत सिंह के हस्ताक्षर थे और उसकी आईडी थी। रणजीत सिंह और गगनदीप अपने तीन बच्चों, दो पत्नियों और पिता के साथ सिरसा में रह रहा था। रणजीत सिंह के पास एक वर्ना कार और एक्टिवा स्कूटी थी।
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लंबे समय से इंडो-पाक सीमा पर सक्रिय रहा है रंजीत

आरोपी रंजीत लगातार अटारी और अन्य बॉर्डर के रास्तों से पंजाब व जम्मू एंड कश्मीर में नशे और अवैध हथियारों की तस्करी के प्रयास में जुटा रहा है। आरोपी 2019 में 29 जून को अटारी चेक पोस्ट के रास्ते सेंधा नमक की बोरियों में 532 किलोग्राम हेरोइन और 52 किलोग्राम मिश्रित नारकोटिक्स लाना चाहता था। इसकी कुल कीमत का 27 करोड़ रुपये आंकी गई थी। जून 2019 में अमृतसर के कस्टम विभाग ने 532 किलोग्राम संदिग्ध हेरोइन और 52 किलोग्राम मिश्रित नशे की खेप को सीज कर अमृतसर में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

इनमें हंदवाड़ा निवासी तारीक अहमद लोन और अमृतसर का रहने वाला गुरपिंदर सिंह शामिल था। आरोपियों ने पाकिस्तान से आए ट्रक में नमक की बोरियों के अंदर नशे की खेप को छुपाया हुआ था। बीते दिनों जेएंडके पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज अहमद नायकू को मार गिराया था। इसके बाद पांच मई को पंजाब पुलिस ने अमृतसर से उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। उनसे हुए खुलासे को केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया गया था। फिर पूरे रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज हासिल की गई।

फुटेज की मदद से दो अन्य आरोपियों विक्त्रस्म सिंह उर्फ विक्की और उसके भाई मनिंदर सिंह उर्फ मनी को एक किलोग्राम हेरोइन सहित पांच मई को गिरफ्तार किया गया। उनसे बरामद नशे की खेप की कुल कीमत 32,25000 आंकी गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने कजन भाइयों रंजीत सिंह चीता, इकबाल सिंह उर्फ शेरा और सरवन सिंह के साथ बॉर्डर के रास्ते तस्करी में जुटे हैं। बताया कि विक्त्रस्म 29 लाख रुपए की नशे की खेप को हिलाल अहमद के निर्देशों पर रंजीत सिंह चीता , इकबाल सिंह उर्फ शेरा और सरवन सिंह को देने आया था।
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