पंजाब कैबिनेट ने 2014-15 के लिए एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी। इस अवधि के लिए राजस्व प्राप्ति लक्ष्य में लगभग 20 फीसदी, जबकि शराब के कोटे में करीब तीन फीसदी वृद्धि की गई है।
सरकार की ओर से शराब ठेकेदारों की मोनोपॉली समाप्त करने के साथ ही अतिरिक्त लाइसेंस फीस में कमी करते हुए प्रति बोतल कीमत कम होने का दावा कर रही है।
शराब कारोबारियों का मानना है कि राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य, शराब के कोटे में गई वृद्धि से कहीं कम है। इसका नतीजा कीमतों में इजाफे के रूप में भी सामने आ सकता है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी देते हुए 724 करोड़ रुपये के अतिरिक्त राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया गया। 2013-14 के लिए यह लक्ष्य 3947 करोड़ रुपये था, जबकि 2014-15 के लिए इसे बढ़ाकर 4671 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
देशी शराब का कोटा भी बढ़ा
वहीं, देशी शराब का कोटा 920 से बढ़ाकर 950 लाख प्रूफ लीटर, जबकि अंग्रेजी शराब का कोटा 440 से बढ़ाकर 450 लाख प्रूफ लीटर किया गया है। इस प्रकार देशी शराब के कोटे में लगभग साढ़े तीन, जबकि अंग्रेजी शराब के कोटे में करीब ढाई फीसदी का इजाफा हुआ है।
नई पॉलिसी के मुताबिक ठेकेदारों के लिए अंग्रेजी शराब की अतिरिक्त लाइसेंस फीस में कमी करके इसे हरियाणा के बराबर किया जा रहा है। ठेकों के ग्रुप्स का आकार छोटा करने का प्रावधान भी पॉलिसी में है। इससे ठेकेदारों में प्रतियोगिता बढ़ेगी। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार यह दोनों प्रावधान शराब की दर कम करने में सहायक सिद्ध होंगे।
अधिक दाम लेने पर लाइसेंस होगा रद्द
मैरिज पैलेंस में शराब की बिक्री के लिए नई पॉलिसी में रेट तय किए गए हैं। यह रेट विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। यदि कोई इससे ज्यादा रेट पर बेचेगा, तो पहली बार एक लाख, दूसरी बार दो लाख का जुर्माना किया जाएगा। तीसरी बार पैलेस का शराब लाइसेंस रद्द करा जाएगा।
एक्साइज पॉलिसी में प्रदेश में शराब ठेकों के अलॉटमेंट के लिए आवेदन प्राप्त करने के अधिकार बैंकों को दिए हैं। अब एईटीसी कार्यालयों के साथ ही बैंकों में भी आवेदन जमा हो सकेंगे। इससे अगले वित्त वर्ष में 50 करोड़ की अतिरिक्त आय का अनुमान है।
सैनिकों-पूर्व सैनिकों को वैट, प्रॉपर्टी टैक्स में छूट
ड्रग रैकेट के संबंध में एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट की जांच में कैबिनेट मंत्री मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर के बेटे सहित मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम उछलने पर सीएम प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि कानून अपना काम करेगा। वह कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
मजीठिया को क्लीन चिट पर बादल ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी अपना काम कर रही है। गत रविवार की रैली में उनके द्वारा उठाई गई 1984 के सिख विरोधी दंगों, पंजाब के लिए स्पेशल पैकेज तथा फेडरल सिस्टम से संबंधित मांगों पर मोदी की ओर से कोई आश्वासन न देने पर कहा कि उन्होंने पगड़ी की लाज रखने की बात कह दी है।
तो बाकी क्या बचा? साथ ही कहा कि देश में राहुल का कोई असर नहीं है तथा सोनिया व राहुल दोनों हारेंगे। केजरीवाल के असर के बारे में बादल ने कहा कि यह जनता बताएगी।
अस्थायी पद होंगे नियमित
पंजाब मंत्रिमंडल ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हक में भी कई फैसले किए। इसके अलावा विभिन्न विभागों मे 3000 अस्थायी पदों को नियमित करने का भी ऐलान किया।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, सैनिकों और पूर्व सैनिकों की रिहायशी संपत्ति पर प्रॉपर्टी टैक्स हटाने के साथ ही सीएसडी कैंटीन से खरीदी जाने वाली वस्तुओं पर वैट 6.05 से घटाकर 4 फीसदी कर दिया गया। सैनिकों के मसलों के हल के लिए जालंधर में विशेष अदालत की स्थापना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
अन्य मुख्य फैसले
पंजाब विधानसभा के तीन मार्च को शुरू हो रहे सत्र के लिए राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी।अनुसूचित जाति एवं पिछड़ी श्रेणियों की तरह ही विकलांग व्यक्तियों को भी पीसीएस (जुडीशियल ब्रांच) की परीक्षा में अंकों में पांच प्रतिशत की राहत देने को स्वीकृति।तेजाबी हमले के पीड़ितों को एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद 25,000 रुपये का मुआवजा और पीड़ित की मृत्यु होने की सूरत में पांच लाख रुपये मुआवजा देने के अलावा पीड़ितों की प्लास्टिक सर्जरी सहित उपचार का सौ फीसदी खर्च सरकार द्वारा करने को मंजूरी।फीसें नियमित करने के लिए अन-एडेड एजूकेशनल इंस्टीट्यूटशंस बिल-2014 मंजूर।पंजाब गौ-सेवा आयोग बिल-2014 विसमें पेश करने को मंजूरी।नेत्रहीन कैटेगरी का बैकलॉग भरने के लिए जेबीटी/ईटीटी अध्यापकों के 167 पद हॉबी टीचरों में तब्दील करने की मंजूरी।राज्य में स्थापित होगी रेडियेशन से टी एजेंसी।रामपुरा फूल में बनेगा नया वैटेरिनरी कॉलेज।
सब-तहसील बन गया जीरकपुर
राज्यपाल के अभिभाषण में जीरकपुर को सब-तहसील बनाने का प्रस्ताव।डिवीजनल आयुक्तों, उपायुक्तों और उनके अधीन कार्यालयों में विभिन्न श्रेणियों के 2844 स्थायी पद रेगुलर करने को स्वीकृति।पंजाब लघु व्यापारी राहत स्कीम के अधीन एकमुश्त टैक्स लगाने के लिए स्वीकृति।मेडिकल अधिकारियों-विशेषज्ञों के खाली पद वॉक-इन-इंटरव्यू के जरिए भरने को स्वीकृति।समय पर सेवाएं न निभाने वाले अधिकारियों को 10 हजार रुपये तक का होगा जुर्माना।लेक्चररों, मुख्य अध्यापकों और वोकेशनल लेक्चररों और मास्टरों की संख्या के अनुसार तरक्की के लिए कोटा फिर तय करने को स्वीकृति।अचल संपत्ति के मालिक द्वारा अपने जीवनकाल में प्रॉपर्टी वारिसों के नाम तब्दील करते समय स्टांप ड्यूटी समाप्त करने को मंजूरी।पंजाब यूनिवर्सिटी, पंजाबी विवि और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के शिक्षा के पक्ष से पिछड़े जिलों में स्थित 19 इंस्टीट्यूट, कॉलेजों को 55.50 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का फैसला।