शिकायतकर्ता ने एसएसपी को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता स्टडी वीजा पर कनाडा जाना चाहता था और उसने इस इमीग्रेशन कंपनी से संपर्क किया था। दिसंबर 2019 में उन्होंने फाइल लगाई थी। 50 हजार रुपये फाइल चार्ज और साढ़े पांच लाख रुपये जीआईसी फीस भरी थी। किसी कारण उनका वीजा न लग पाने के लिए कुछ रकम वापस आ गई लेकिन कॉलेज फीस के रूप में इमीग्रेशन कंपनी के खाते में जमा करवाए करीब पांच लाख रुपये वापस नहीं किए गए।
पूरी फीस में से सिर्फ 250 डॉलर ही जमा करवाए
शिकायतकर्ता को पता चला कि कंपनी ने उनकी कॉलेज फीस में से सिर्फ 250 डॉलर ही जमा करवाए। इस कंपनी ने शिकायतकर्ता के दो साल खराब किए और एंबेसी में भी उनका रिकाॅर्ड खराब किया। इनके द्वारा बाकी रकम शिकायतकर्ता को वापस नहीं की। इनका दफ्तर भी बंद है।