चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने वर्क परमिट वीजा का झांसा देकर ठगी करने वाली इमिग्रेशन कंपनी ग्लोबल कंसल्टेंट को सेवा में दोषी करार दिया है। आयोग ने इमिग्रेशन कंपनी को शिकायतकर्ता को 1.13 लाख रुपये 9 प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मानसिक उत्पीड़न के रूप में 15 हजार व केस में खर्च राशि 10 हजार रुपये देने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश के ऊना निवासी राजेश राणा ने आयोग को दी शिकायत में बताया कि इमिग्रेशन कंपनी का एक विज्ञापन देखकर उनकी संपर्क में आया था। इमिग्रेशन कंपनी ने कनाडा का वर्क परमिट ऑफर किया। मार्च, 2023 में संपर्क में आने के बाद सवा लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद लंबा समय बीत जाने के बावजूद कोई उत्तर नहीं आया। मांग करने पर पैसे भी नहीं लौटाए गए। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कंपनी को हिमाचल निवासी को 1.13 लाख रुपये 9 प्रतिशत ब्याज समेत लौटाने के निर्देश दिए हैं।