रिटायर्ड कर्नल मुख्तिायर सिंह कुलार
देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना से जुड़े 101 उपकरणों के आयात पर पाबंदी लगाने की घोषणा की। इसे देश में तैयार करने के फैसले पर सेना से जुड़े विशेषज्ञ अलग-अलग राय दे रहे हैं। पूर्व सैनिक अफसरों के अनुसार, इस समय ऐसा तरह का फैसला लेना गलत है क्योंकि एक तरफ जहां चीन के साथ सीधा विवाद चल रहा है।
वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान से हमारे संबंध जगजाहिर हैं। यही नहीं अब तो बांग्लादेश और नेपाल भी हमें आंखें दिखा रहे हैं। अगर रक्षा उपकरणों का आयात बंद हो जाएगा तो जरूरत पड़ने पर हमारे सैनिक क्या करेंगे। हालांकि लंबे समय के लिए यह योजना ठीक है।
रिटायर्ड कर्नल मुख्तिायर सिंह कुलार बताते हैं कि सरकार ने 101 उपकरणों के आयात पर तुरंत पाबंदी लगा दी है। सवाल है कि अगर चीन के साथ युद्ध की स्थिति बन गई तो सेना क्या करेगी। जिन उपकरणों को भारत में तैयार किया जाना है, उन्हें एक दिन में तो तैयार नहीं किया जा सकता है। इसके लिए लंबा समय लगेगा।
सरकार की विदेश नीति इस संबंध में ठीक नहीं है। हां, लंबे समय में आत्मनिर्भर होने की बात करे तो यह सही माना जा सकता है। रिटायर्ड कर्नल कुलार कहते हैं कि इस समय अमेरिका ने भारत को बली का बकरा बना रखा है। बड़े देश अपने हथियार बेचने के लिए इस तरह के तनाव को बढ़ा रहे हैं। हथियारों की होड़ में हम अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध बिगाड़ रहे हैं।