अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों का इलाज बंद करने के चलते इसका असर दिखा। हालांकि आयुष्मान भारत हरियाणा अथॉरिटी की ओर से सोमवार से ही निजी अस्पतालों के खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं लेकिन इसके बावजूद आईएमए हरियाणा का विरोध का फैसला जारी है। आईएमए का कहना है कि इस सप्ताह तक सरकार के रवैये को देखा जाएगा और समय पर राशि आएगी तो फैसले को वापस लिया जाएगा, नहीं तो विरोध जारी रहेगा। बता दें कि निजी अस्पतालों के करीब 200 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस राशि को लेकर निजी अस्पताल संचालक कई बार अथॉरिटी के अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया, इसलिए निजी अस्पातलों ने 1 जुलाई से गरीब लोगों का इलाज बंद कर दिया है। वहीं, आईएमए हरियाणा के राज्य प्रधान डा. अजय महाजन का कहना है कि इस मामले का ठोस समाधान नहीं निकाला गया है, जब भी निजी अस्पताल इलाज बंद करने की बात करते हैं तभी राशि जारी की जाती है। हमारी मांग है कि इसको सुचारू रूप से जारी किया जाता रहे। सोमवार को कुछ जिलों में राशि आई है, लेकिन इसको सप्ताह तक चेक किया जाएगा, इसके बाद इस पर फैसला लिया जाएगा।