करीब एक माह पहले गुजरात में पकड़ी गई करोड़ों रुपये की अवैध शराब के तार कपूरथला से जुड़े हैं। पकड़ी गई शराब कपूरथला के एक मुख्य कारोबारी की बताई जा रही है। गुजरात पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ानी शुरू की है।
ड्राई स्टेट होने की वजह से इसे मुख्य अपराध के तौर पर देखते हुए गुजरात पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कपूरथला में दबिश दी। हालांकि इस बारे में कोई भी आला पुलिस अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। वहीं, डीआईजी जालंधर रेंज ने भी अपना पल्ला झाड़ लिया है। पुलिस की ओर से शराब व्यवसाय से जुड़े एक रिश्तेदार को राउंडअप किया गया। करीब दो दिन तक गुजरात पुलिस ने यहां डेरा डाल लिया था।
गुजरात में चुनाव की वजह से पुलिस की सख्ती के चलते गुजरात पुलिस ने करीब एक माह पहले बड़ी मात्रा में पंजाब से संबंधित करोड़ों रुपये की शराब पकड़ी थी। इस शराब के मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो शराब के तार कपूरथला के एक मुख्य शराब कारोबारी से जुड़ने लगे। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस पर गुजरात पुलिस ने तत्काल संबंधित पुलिस को पूरे मामले से अवगत करवाते हुए आरोपी को तुरंत काबू कर उन्हें सौंपने के लिए कहा, लेकिन स्थानीय पुलिस कान में तेल डालकर बैठी रही। इस पर दो दिन पहले गुजरात पुलिस को खुद कपूरथला में तफ्तीश और गिरफ्तारी के लिए आना पड़ा। गुजरात पुलिस की दबिश के बाद जांच में तार कपूरथला के कुछ लोगो से जुड़े पाए गए।
सूत्रों की माने तो गुजरात पुलिस के साथ कपूरथला पुलिस ने भी सहयोग करते हुए शराब व्यवसाय से जुड़े एक व्यक्ति के नजदीकी रिश्तेदार को पूछताछ के लिए राउंडअप किया और किसी गुप्त स्थान पर उससे पूछताछ की। सूत्र यह भी बताते हैं कि इस मामले से जुड़े लगभग सभी लोग फिलहाल भूमिगत हो गए हैं। हालांकि इस बारे में कोई अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है। एक आला अधिकारी ने दबी जुबां में गुजरात पुलिस की दबिश और मामला करोड़ों की शराब से जुड़ा होने की हामी तो भरी, लेकिन इससे ज्यादा कुछ भी बताने से साफ इंकार कर दिया। वहीं, डीआईजी जालंधर रेंज एस.भूपति ने इस मामले से पूरी तरह से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि वह इस बारे में एसएसपी कपूरथला से जानकारी हासिल करते हैं।
आरोपों में घिरे शराब कारोबारी की जिला पुलिस में अच्छी पैठ
करोड़ों की अवैध शराब के आरोपों में घिरा शराब कारोबारी की जिला पुलिस में अच्छी पैठ है। यहां तक कि इसकी पुलिस अफसरों से नजदीकियां जगजाहिर हैं। तभी तो एक माह तक जिला पुलिस की ओर से उसकी गिरफ्तारी के लिए गुजरात पुलिस की ओर से भेजे गए पत्र को दबा लिया गया। यदि जिला पुलिस ने गुजरात पुलिस के पत्र को संजीदगी से लिया होता तो वह कब का पुलिस के हत्थे चढ़ गया होता।
अफसरों में मचा हड़कंप, कभी भी गिर सकती गाज
गुजरात अवैध शराब का मामले सामने आने के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मच गया है। क्योंकि जिस शराब कारोबारी को गुजरात पुलिस पकड़ने आई थी, उसका आबकारी विभाग में डंका बजता है। उसके इस गोरखधंधे के आबकारी विभाग के कई अधिकारी राजदार हैं। जिसके बाद अब उन पर भी तलवार लटकती नजर आ रही है। मोटी मलाई खाने वाले अफसरों पर कभी गाज गिर सकती है। आने वाले दिनों उन तक इस की आंच आना स्वाभाविक है।