सरपंच के बार-बार शिकायत करने के बावजूद नहीं हो रही थी कार्रवाई, हाईकोर्ट की सख्ती का असर
आम रास्ते पर भी है कब्जा, लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी
चंडीगढ़। मेवात के खोरी शाह चोखा गांव में पंचायती जमीन व आम रास्ते पर अवैध कब्जों को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद बीडीपीओ ने हाजिर होकर बताया कि 30 मई तक कब्जा हटा लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस की मदद भी मांगी गई है। इस जानकारी को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। याचिका दाखिल करते हुए सरपंच पीरजादा सिताराबानों ने एडवोकेट फारुख अब्दुल्ला के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि पंचायत की दो एकड़ भूमि व आम रास्ते पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसे हटाने के लिए याची ने विभिन्न स्तर पर शिकायत दी लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। याचिकाकर्ता ने कब्जाधारकों को नोटिस भी दिया। लेकिन भूमि खाली करने के स्थान पर याची व उसके परिवार पर हमले का प्रयास किया गया। याची ने कहा कि विकास कार्यों के लिए पंचायत के पास वैसे ही भूमि कम है और यदि इस प्रकार कब्जे की अनुमति दी गई तो हालात बदतर हो जाएंगे। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए अब बीडीपीओ को अगली सुनवाई पर खुद हाजिर रहने का आदेश दिया था। आदेश के अनुसार सुनवाई पर बीडीपीओ सुरजीत सिंह मौजूद रहे और बताया कि कब्जा हटाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। 30 मई तक कब्जा हटा दिया जाएगा। इस जानकारी को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।