चंडीगढ़। नगर निगम ने बुधवार को सेक्टर-26 स्थित बापूधाम में अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई की। 20 फुट की सड़क पर किसी ने सीढ़ी तो किसी ने पूरा घर बना रखा था। निगम ने इन सभी को तोड़ दिया। लोग टीम के सामने हाथ जोड़ते रहे। कहते रहे कि तोड़ने आने से पहले नोटिस तो दिया होता ताकि सामान निकाल लेते लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कार्रवाई में लोगों के सामानों का भारी नुकसान हुआ।
नगर निगम की टीम सुबह नौ बजे से ही वाल्मीकि मंदिर और पुलिस चौकी के पास इकट्ठी होनी शुरू हो गई। भारी पुलिस बल भी पहुंच गया। तोड़फोड़ के लिए दो जेसीबी लाई गई थी। सबसे पहली कार्रवाई मोहिंदर सिंह के घर पर की गई। उनकी सीढ़ी तोड़ दी गई लेकिन इस कार्रवाई में उनके घर के अंदर के सामानों को भी काफी नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि वह काम पर थे। घर पर सिर्फ बहू थी। सीढ़ी सड़क किनारे बनी थी लेकिन इसे तोड़ने आने से पहले एक बार नोटिस तो देते। बिना नोटिस के इस कार्रवाई की वजह से बहुत सामान का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई कौन करेगा। अगली कार्रवाई दर्शन कौर के घर पर हुई। उन्होंने बताया कि उनके घर के किचन का पूरा सामान खराब हो गया। गीजर और पानी की टंकी मलबे में दब गई। कई लोगों के सामान का भारी नुकसान हुआ है। अगर पहले बताया जाता कि तोड़ने के लिए टीम पहुंचेगी तो वो अपना सामान तो निकाल लेते लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लोगों का लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है।
स्थानीय नेताओं को ढूंढते रहे लोग, बोले- बारिश में कहां जाएंगे
एक तरफ नगर निगम की टीम अवैध कब्जों पर कार्रवाई कर रही थी, दूसरी तरफ लोग स्थानीय नेताओं को ढूंढ रहे थे। मौके पर कोई भी बड़ा नेता नहीं पहुंचा। कई महिलाएं उन्हें गालियां देती हुई भी नजर आईं। जिन घरों पर कार्रवाई की गई। उनका सामान साथ के पार्क में रखा गया था। महिलाओं ने कहा कि एक तो पहले नोटिस नहीं दिया गया और दूसरा कार्रवाई के लिए बारिश के दिनों को चुना गया है। अब आने वाले दिनों में जब बारिश होगी तो वह खुले में सोने को मजबूर होंगे। उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। जैसे वह इस शहर या इस देश के नहीं, बल्कि कहीं बाहर से आए हुए हैं। स्थानीय पार्षद दलीप शर्मा ने कहा कि शहर में कांग्रेस का सांसद और आम आदमी पार्टी का मेयर है। उन्हें तो इस कार्रवाई की जानकारी भी नहीं दी गई थी।