मलोया के पास लॉकडाउन में बन गई कालोनी
ट्राइसिटी में नौकरी करने वाले हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह चंडीगढ़ में घर ले। चंडीगढ़ में जमीन महंगी होने की वजह से वह चंडीगढ़ के पास के हिस्सों में जमीन ढूंढता है। ऐसे लोगों की ताक में ही भूमाफिया बैठे हैं, जो चंडीगढ़ से आधे से एक किलोमीटर की दूरी पर घर दिलाने का वादा करते हैं और फिर चंडीगढ़ के सबसे पास की खेत की जमीन को खरीद कर वहां प्लॉट काटने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
हैरानी की बात है कि मलोया और पंजाब के झामपुर के बीच चंडीगढ़ की सीमा पर लॉकडाउन के दौरान पूरी कालोनी बस गई है। लॉकडाउन से पहले जहां लहलहाते खेत दिखाई देते थे, आज वहां पर दर्जनों की संख्या में एक व दो मंजिला मकान खड़े हो गए हैं। सैटेलाइट तस्वीरें इस बात की गवाह है कि कैसे चंडीगढ़ के पास बसने की चाहत में गैरकानूनी कार्य हो रहे हैं।
अवैध निर्माण हो रहा है, तो कार्रवाई करेंगे
हम जांच करते हैं। अगर कोई अवैध निर्माण कार्य होता दिखाई देता है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। खुड्डा अलीशेर के साथ पंजाब के कई इलाके भी हैं, उस साइड भी कुछ निर्माण हो रहे हैं। हालांकि अगर खुड्डा अलीशेर में कोई अवैध निर्माण हो रहा है तो मैं खुद वहां जाकर जांच करूंगा। - हरजीत सिंह संधू, एसडीएम सेंट्रल