एक लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए आईएफएस बीरेंद्र चौधरी के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत में चालान दाखिल कर दिया। सीबीआई ने चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7, 13 (1) (डी) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है।
करीब 1500 पेज के चालान में जांच एजेंसी की ओर से करीब 22 गवाह बनाए गए हैं। वहीं सीबीआई ने चालान के साथ चौधरी के खिलाफ मुंबई में पहले से दर्ज भ्रष्टाचार के मामले का भी हवाला दिया है। केस की अगली सुनवाई पर बचाव पक्ष को चालान की कॉपी सप्लाई की जाएगी। उसके बाद केस में आरोप तय होने पर ट्रायल शुरू होगा।
वहीं इससे पहले सुबह चालान दाखिल होने का पता चलने पर चौधरी की ओर से दायर जमानत याचिका को वापस ले लिया गया। चौधरी ने 28 अगस्त को जमानत के लिए सीबीआई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने सीबीआई को 11 सितंबर के लिए नोटिस किया था। 11 सितंबर को सीबीआई ने मामले में चालान दाखिल करने की बात कही थी। इस पर अदालत ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि बुधवार को अदालत चालान दाखिल होने के बाद याचिका पर फैसला सुनाती उससे पहले ही बचाव पक्ष ने याचिका वापस ले ली। वहीं चौधरी के खिलाफ दादर नगर हवेली में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में भी उसके खिलाफ आरोप तय हो चुके हैं।