शहर में स्थापित की जा रही आईटी सिटी में जो लोग घर बनाने का सपना देख रहे हैं। अगर उन्होंने जरा सी भी देरी की, तो वे प्लॉट की दौड़ से बाहर हो जाएंगे।
गमाडा मैनेजमेंट ने साफ किया है कि रेजिडेंशियल प्लॉटों की स्कीम 15 अप्रैल को ही संपन्न होगी। इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। गमाडा ने इस संबंध में सारी जानकारी अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी है। सूचना पुडा भवन में नोटिस बोर्ड पर भी लगा दी गई है।
गमाडा के मुताबिक आईटी सिटी स्कीम को लांच करते समय स्कीम का शेडयूल बनाया गया था। उसी के मुताबिक ही सारी कार्रवाई की जा रही है। अगर इस काम में थोड़ी भी देरी होती है, तो आगे का सारा शेडयूल बिगड़ जाता है। जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
30 अप्रैल को गमाडा द्वारा लोगों द्वारा आने वाले आवेदनों का ब्योरा अपनी वेबसाइट पर डाला जाएगा। इसके बाद लोगों को गलतियां दूर करने के लिए 15 मई तक का समय दिया जाएगा। गमाडा ने आईटी सिटी के रेजिडेंशियल प्लॉटों की स्कीम 28 फरवरी को लांच की थी। स्कीम में 325 विभिन्न साइजों के प्लॉट निकाले थे।
हेल्पलाइन शुरू, ईमेल से भी मिलेगा जवाब
लोगों को फार्म भरने में किसी भी प्रकार की मुश्किल न आए। इसके लिए गमाडा ने विशेष हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। जिसके लिए 0172-2213535 पर कॉल करनी होगी। लोग को ईमेल से भी सवालों के जवाब हासिल कर पाएंगे। जिसके लिए helpdesk@gmada.gov.in पर क्लिक करना होगा।
325 में से 150 प्लॉट रिजर्व
गमाडा ने आईटी सिटी में 325 प्लॉट निकाले हैं। प्लॉट चार साइजों में है। इनमें 200, 300, 400 और 500 वर्ग शामिल हैं। स्कीम में 150 प्लॉट रिजर्व हैं। इनमें विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं। जिनमें डिफेंस पर्सनल से लेकर दंगा पीड़ित तक शामिल हैं। स्कीम में प्रति वर्ग गज का रेट 23500 रखा गया है।