चंडीगढ़। नगर निगम की 337वीं सदन की बैठक 26 जुलाई को सुबह 11 बजे होगी। बैठक में मुख्य रूप से उन एजेंडों पर चर्चा होगी, जो पिछली बैठक में हंगामे की भेंट चढ़ गए थे। हालांकि, इस बार भी मुफ्त बिजली-पार्किंग और मनोनीत पार्षद अनिल मसीह को लेकर हंगामा हो सकता है।
चंडीगढ़ नगर निगम की तरफ से मंगलवार को बैठक के मुख्य एजेंडे जारी किए गए। इसके अनुसार कुल 17 एजेंडों पर चर्चा होगी। इसमें अधिकतर विकास से जुड़े एजेंडे हैं। इसके अलावा कुछ टेबल एजेंडा भी प्रस्तुत किए जाएंगे। बैठक में सेक्टर-14 स्थित नाइट फूड स्ट्रीट के नियम व शर्तों में संशोधन, रायपुरकलां के वेटरिनरी अस्पताल में मैनपॉवर के लिए बजट में संशोधन, इंदिरा कॉलोनी में डिस्पेंसरी बनाने के लिए प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग को 99 साल के लिए जमीन लीज पर देने, मनीमाजरा में नया सरकारी स्कूल बनाने के लिए पॉकेट नंबर चार और पांच में चार एकड़ की जमीन लीज पर देने, इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 स्थित स्लाटर हाउस के लिए नई मशीन खरीदने, टैक्सी स्टैंड संचालकों से बकाया वसूलने और आवंटन की प्रक्रिया की मंजूरी, गांव बुड़ैल, सेक्टर-41बी के पार्क, सेक्टर-22 सी और डी के नेबरहुड पार्क, सेक्टर 46ए, बी, सी और डी में वी-5 रोड पर पेवर ब्लॉक और सेक्टर-52 की पुनर्वास कॉलोनी में आंतरिक गली में पेवर ब्लॉक लगाने का एजेंडा आएगा। इसके अलावा सेक्टर-38 सी के फायर स्टेशन बिल्डिंग और रेजिडेंशियल क्वार्टर की स्पेशल रिपेयर और रिनोवेशन के एजेंडे पर चर्चा होगी।
जुलाई महीने में होगी दूसरी बैठक : 26 को होने वाली बैठक जुलाई महीने की दूसरी बैठक होगी। पहली बैठक नौ जुलाई को हुई थी। बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के पार्षद मुनव्वर ने मनोनीत पार्षद अनिल मसीह पर एक टिप्पणी कर दी थी, जिसके बाद भाजपा के पार्षद भड़क गए और खूब हंगामा किया। धक्का-मुक्की के बीच मेयर ने सदन की कार्यवाही को रोक दिया था। रुके हुए एजेंडों को पास कराने के लिए सदन की दोबारा बैठक बुलाई गई है। कई टेबल एजेंडे भी आएंगे। इसमें पार्षद जसबीर लाडी की ओर से शहर में लगने वाले मेलों और झूलों को लेकर एक नीति बनाने की मांग रखी है। इस एजेंडे पर नौ पार्षदों ने सहमति दिखाई है और साइन भी किए। पिछली बार भी मेयर ने मंजूर करते हुए टेबल एजेंडा के रूप में सदन में सर्कुलेट कराया गया। हालांकि, इस पर चर्चा नहीं हो पाई थी। पार्षद जसबीर लाडी का कहना है कि इस एजेंडे को सदन प्रस्तुत किया जाएगा ताकि झूलों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और बच्चों को इस खतरे से बचाया जा सके।