हिसार से लोकसभा सदस्य बृजेंद्र सिंह भाजपा छोड़ चुके हैं। भाजपा-जजपा गठबंधन की वजह से हो रही परेशानियों के कारण उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया, लेकिन पार्टी छोड़ने के दो दिन बाद ही भाजपा-जजपा का गठबंधन भी टूट गया। इन बदले राजनीतिक समीकरणों ने हिसार लोकसभा से सीट बंटवारे को और उलझा दिया।
यहां पार्टियां पहले आप-पहले आप की स्थिति में हैं। प्रतिद्वंद्वी को देखकर ही प्रत्याशी उतारना चाह रही हैं। भाजपा से कांग्रेस में पहुंचे बृजेंद्र सिंह नई पार्टी से भी इस सीट के लिए मजबूत दावेदार हैं। लोकसभा क्षेत्र को रेल और सड़क परियोजनाओं की सौगात दिलाने वाले बृजेंद्र सिंह को भरोसा है कि रेलवे की विकास परियोजनाएं उनकी सियासी नाव का खेवनहार बनेंगी।
रेल नेटवर्क के हिसाब से पिछड़े हिसार के लिए उन्होंने लंबी दूरी की आठ से अधिक ट्रेनें शुरू कराई हैं। हिसार से दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू हो गई है। बिहार-बंगाल के रेल नेटवर्क से भी हिसार सीधा जुड़ गया है। करीब 11 साल से लटके हांसी-महम- रोहतक लाइन को पूरा कराने में अहम भूमिका निभाई, जिससे हिसार और रोहतक का रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ाव हो गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद सिंह के आईएएस बेटे बृजेंद्र सिंह ने करीब दो दशक तक सिविल सर्विस के जरिए सेवाएं दी हैं। बीरेद्र सिंह मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय इस्पात मंत्री थे। उन्होंने अपने बेटे को राजनीति में उतारने के लिए केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ दिया।
वर्ष 2019 में बृजेंद्र सिंह को मौका मिला तो पहली बार लोकसभा चुनाव के मैदान में उतरे। यह उनके जीवन का पहला चुनाव था। जनता ने आशीर्वाद दिया तो 3.14 लाख से अधिक वोटों के अंतर से विजयी रहे। हिसार लोकसभा क्षेत्र से पहली बार कमल खिला। बृजेंद्र सिंह सेंट स्टीफन तथा जेएनयू दिल्ली के छात्र रहे हैं।
गांवों में काम कराए, लेकिन दिल नहीं जीत पाए
सांसद बृजेंद्र सिंह ने पांच साल में हिसार जिले के तीन गांव बोबुआ, कुलाना और बूरे गोद लिए। इन गांवों में सड़क, बिजली, शौचालय निर्माण, पेयजल की लाइन सहित अन्य कार्य कराए हैं। सांसद कुलाना गांव के लिए करीब नौ किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन को मंजूरी दिलाई। इसके अलावा पशु चिकित्सालय, ई लाइब्रेरी का निर्माण कराया। सांसद ने नलवा विधानसभा के गांव बूरे में पार्क का निर्माण, स्कूलों भवन, पीएचएसी, पेयजल की लाइन के काम कराए।
इसके बाद भी अभी गांव की बेटियों कोआठवीं के बाद पढ़ने के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता है। डाकघर न होने से बुजुर्गाें को पेंशन लेने दूसरे गांव जाना पड़ता है। बृजेंद्र सिंह ने तीसरा गांव बरवाला विधानसभा का बोबुआ गोद लिया। इस गांव में मूलभूत सुविधाओं पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन सांसद से गांव के लोग खुश नजर नहीं आए। ग्रामीणों ने कहा कि गोद लिए गांव में सांसद आते ही नहीं है।
वादे पूरे किए
1 हांसी- महम-रोहतक रेल लाइन के काम को पूरा कराया।
2 हिसार को दक्षिण भारत से जोड़ने के लिए लंबी दूरी की ट्रेन शुरू कराई
3 हिसार रेलवे स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा दिलाया, हांसी, आदमपुर, उकलाना स्टेशन का भी कायाकल्प होगा
4 अब तक 275 पंचायतों को वाटर टैंकर बांट चुके, 58 गांवों को ओपन जिम दिए
5 उमरा- सुल्तानपुर की बेटियों के लिए गांव में सिंथेटिक ट्रैक बनवाकर वादा पूरा किया
अधूरे वादे
1 जिले को लावारिस पशुओं से मुक्त नहीं करा पाए
2 हिसार से चंडीगढ़, मथुरा,आगरा के लिए सीधी ट्रेन नहीं दिला सके
3 केंद्र सरकार की ओर से बड़ा उद्योग हिसार में लाने में सफल नहीं हो पाए
4 हिसार को स्मार्ट सिटी का दर्जा नहीं दिला सके
5 हिसार-अग्रोहा रेल लाइन को मंजूरी नहीं दिला पाए
लोकसभा क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्र
हिसार, बरवाला, नारनौंद, उकलाना,(आरक्षित), बवानीखेड़ा (आरक्षित), हांसी, नलवा, उचाना और आदमपुर।
2019 के चुनाव में मत मिले
| बृजेंद्र सिंह |
भाजपा |
6,03,289 |
| दुष्यंत चौटाला |
जजपा |
2,89,221 |
| भव्य बिश्नोई |
कांग्रेस |
1,84,369 |
प्रोफाइल - सांसद का नाम बृजेंद्र सिंह
आयु 51 वर्ष
पहली बार सांसद बने
करीब 20 साल तक आईएएस अधिकारी के तौर पर काम किया
संसद में हाजिरी - 99 प्रतिशत
प्रश्न पूछे - 160
बिल पेश किए 4
वाद-विवाद में हिस्सा - 27
मैंने जनता की आवाज को संसद में उठाया। कोरोना के कुछ समय को छोड़ दिया जाए तो पूरे समय जनता के बीच रहकर उनकी शिकायतों- समस्याओं को सुनकर हल कराया। अपने क्षेत्र की जनता के लिए कई रेल सेवाओं को शुरू कराया। गांवों में पेयजल के लिए टैंकर उपलब्ध कराए। हांसी-महम-रोहतक रेल लाइन का काम लंबे समय से अटका हुआ था। रेल मंत्री से अनुरोध कर इसे पूरा कराने का प्रयास किया। -बृजेंद्र सिंह, सांसद, हिसार
सांसद ने कितना काम किया, वह जनता तय करेगी। जनता ने 2014 से 2019 तक का मेरा कार्यकाल देखा है। उसके बाद 2019 से 2024 का काम भी देखा। मैंने सांसद रहते हुए अपने क्षेत्र के लिए काफी काम किए। सांसद को अपने क्षेत्र की जनता के बीच रहना चाहिए। सांसद निधि का सही उपयोग करना चाहिए। दिशा कमेटी की बैठक के जरिए केंद्र सरकार की योजनाओं को समुचित तरीके से संचालित कराना और उनकी निगरानी कराना सांसद का काम है।
-दुष्यंत चौटाला, प्रतिद्वंद्वी, हिसार लोकसभा 2019
सांसद निधि का खर्च
| वित्तीय वर्ष |
फंड जारी |
खर्च |
शेष |
| 2019-20 |
2.50 |
.60 |
1.90 |
| 2020-21 |
2.50 |
.90 |
3.50 |
| 2021-22 |
00 |
.68 |
2.82 |
| 2022-23 |
2 |
2.10 |
2.72 |
| 2023-24 |
00 |
.55 |
2.17 |
नोट - सभी आंकड़े करोड़ रुपये में