हरियाणा सरकार में चार्जशीट का दंश झेल रहे वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। खेमका की एनुअल परफारमेंस अप्रेजल रिपोर्ट (एपीएआर) मुख्य सचिव कार्यालय में अटक गई है, जबकि 30 जून 2016 तक इस रिपोर्ट पर निर्णय हो जाना चाहिए था। सूत्रों के मुताबिक खेमका ने प्रदेश सरकार को एक पत्र लिखकर अपना रोष जाहिर किया है।
अशोक खेमका ने अपनी एपीएआर 18 मई को अपने वरिष्ठ अधिकारी विजयवर्धन के पास भेजा था। उन्होंने अपनी टिप्पणी के बाद यह रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को भेज दी। विजयवर्धन ने रिपोर्ट में खेमका की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए 10 में 9.9 अंक दिए हैं। उन्होंने एपीएआर पर किसी तरह की ठोस व नकारात्मक टिप्पणी नहीं दी है। पुरातत्व विभाग में रहते हुए अशोक खेमका ने कर्मचारियों के अभाव के बावजूद बेहतर परिणाम दिए और पंचकूला में पुरातत्व विभाग का म्यूजियम बनाए जाने का प्रस्ताव भी तैयार किया।
इस मामले को लेकर अशोक खेमका ने पत्र लिखकर सवाल उठाए हैं। इस पत्र में कहा गया है कि तय समय सीमा पूरी होने के बाद अब उन्हें वार्षिक रिपोर्ट लिखने का अधिकार नहीं है, इसलिए इसे उनके वरिष्ठ अधिकारी अथवा प्रतिनिधि को भेजी जाए। खेमका के इस पत्र को अगर गहनता से देखा जाए तो मुख्य सचिव के बाद इस फाइल को संबंधित विभागीय मंत्री के पास भेजा जा सकता है। इस समय खेमका का विभाग हरियाणा के खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के अधीन आता है।