देवेंद्र सिंह और राजीव अरोड़ा।
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हरियाणा के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों देवेंद्र सिंह और राजीव अरोड़ा को केंद्र सरकार से सेवा विस्तार नहीं मिला है। दोनों ही आईएएस 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होंगे। इनके साथ आईएएस आरएस वर्मा व अमरजीत मान भी सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। 29 जुलाई को मंत्रिमंडल और अन्य बैठकें होने के कारण हरियाणा आईएएस अधिकारियों की एसोसिएशन इन चार आईएएस और पूर्व में सेवानिवृत्त हो चुके दो आईएएस अमित झा, अजय मलिक को अगले सप्ताह गेट टू गेदर पार्टी देगी।
आईएएस एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने गुरुवार को गेट टू गेदर के संबंध में सभी आईएएस को पत्र जारी कर दिया है। उसमें कहा गया है कि कैबिनेट बैठक, हरियाणा इंटरप्राइजेज प्रमोशन बोर्ड की बैठक व मुख्यमंत्री की प्रेस वार्ता के कारण शुक्रवार को गेट टू गेदर आयोजित नहीं की जा रही है।
याद रहे कि सरकार ने देवेंद्र सिंह और अरोड़ा के साथ ही 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे वरिष्ठ आईएएस पीके दास के लिए दो साल का सेवा विस्तार मांगा था। गुरुवार देर रात तक अरोड़ा व देवेंद्र के सेवा विस्तार की कोई चिट्ठी न आने पर ही आईएएस एसोसिएशन ने सेवानिवृत्ति की गेट टू गेदर को लेकर पत्र जारी किया है। अब सरकार के पास इन दोनों को तीन महीने की पुनर्नियुक्ति देने का विकल्प बचा है।
पुनर्नियुक्ति मांग सकती है राज्य सरकार
1987 बैच के आईएएस राजीव अरोड़ा व देवेंद्र सिंह को पुनर्नियुक्ति देने का सरकार के पास अधिकार है लेकिन इसके लिए भी केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है। सेवा विस्तार न मिलने पर अब सरकार पुनर्नियुक्ति मांग सकती है। अमरजीत सिंह मान और राम स्वरूप वर्मा के लिए सरकार ने सेवा विस्तार नहीं मांगा था। हरियाणा सरकार पुनर्नियुक्ति के बाद अधिकतम तीन माह तक सेवानिवृत्त आईएएस को उसी पद पर कायम रख सकती है।
एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में 2002 बैच के आईएएस समीर पाल सरो को 31 अगस्त 2019 को सेवानिवृत्त होने पर राज्य सरकार ने कुछ दिन पूर्व तीन महीने की पुनर्नियुक्ति प्रदान कर उसी पद पर तैनात रखा था। इससे पूर्व सितंबर 2018 को सेवानिवृत्त होने वाले 1985 बैच के आईएएस पीके महापात्रा को भी तीन माह की पुनर्नियुक्ति प्रदान की गई थी। हालांकि, पुनर्नियुक्ति देने वाले नियम में भी संशोधन की जरूरत है।