पानीपत। रेवेरा होम फर्निंसिंग की हाइड्रो मशीन के फटने से एक साथ तीन कर्मचारियाें की मौत पर उनके परिवारों में मातम छा गया।
पिछले दो माह में इस तरह का यह दूसरा हादसा है। इससे पहले एक दूसरी फैक्टरी में बायलर फटने से कई कर्मियों की मौत हो गई थी।
सेक्टर-29 पार्ट-टू स्थित रेवेरा होम फर्निसिंग में मंगलवार दोपहर बाद जैसे ही हाइड्रो मशीन धमाके के साथ फटी तो चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। फैक्टरी का कोई कर्मी जान बचाने को बाहर भागा तो कोई हादसा स्थल पर पहुंचा। कुछ कर्मियों ने साहस जुटाकर हादसा स्थल पर पहुंचे।
उनको यहां पर धर्मेंद्र (30) निवासी शिवनगर, अमित (30) निवासी राजनगर और सागर (22) निवासी कृष्णपुरा कच्ची फाटक मृत मिले और बबैल निवासी अकबर गंभीर रूप से घायल मिला।
प्लांट के कर्मियों ने उनको बाहर निकाला और सागर के जीवित मिलने की उम्मीद से सिविल अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां पर उसको मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे के बाद पुलिस को पसीने छूट गए और डीएसपी तान्या हादसा स्थल और डीएसपी जितेंद्र गहलावत सिविल अस्पताल में पहुंचे।
मशीन के फटते ही पुर्जे उड़े
हाइड्रो मशीन के फटते ही उसके कलपुर्जे उड़ गए। इन्हीं के चपेट में आने से अकबर घायल हो गया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त यहां पर सैकड़ों लोग काम कर रहे थे। वे दूसरी मशीनों पर थे और मशीन के पुर्जों से बच सके।
सागर आज ही लगा था हाइड्रो मशीन पर
सागर के परिजनों ने बताया कि वह बायलर पर काम करता था और मंगलवार को उसको कर्मियों की कमी के चलते हाइड्रो मशीन पर लगा दिया था। उसकी मौत के बाद परिवार के सभी सदस्य हिल गए। सागर तीन भाइयों में सबसे छोटा था और उनकी एक बहन है। पिता नन्हाराम की लंबे समय पहले ही बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वे सभी भाई मिलकर अपने परिवार को संभाले हुए थे।
हाइड्रो मशीन और बायलर एक जैसे ही होते हैं। तकनीकी जानकारों की माने तो बायलर में रंग चढ़ाने के लिए पानी डाला जाता है और एक तापमान पर गर्म किया जाता है। वहीं हाइड्रो मशीन पर एक तापमान के बीच रंग चढ़ने के बाद उत्पाद को सुखाया जाता है।
रेवेरा होम फर्निसिंग में धमाके के साथ तीन कर्मियों की मौत होने और एक के घायल होने पर संचालकाें और अन्य अधिकारियों पर कोई असर नहीं दिखा। जहां फैक्टरी लगातार चलती रही और अधिकारी डयूटी खत्म होने के बाद अपने समय पर निकलते चले गए। सिविल अस्पताल में देर शाम तक न तो कोई अधिकारी पहुंचा और न ही मालिक पहुंच सका।
जिले में पहले भी इसी तरह से एक फैक्टरी का बायलर फट गया था। इसमें कई श्रमिकों की मौत हो गई थी और आधा दर्जन बुरी तरह से झुलस गए थे। उस समय बायलर तापमान अधिक होने से फट गया था।