चंडीगढ़। ससुरालियों की दहेज प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने साल 2018 में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिला अदालत ने विवाहिता के आत्महत्या मामले में सोमवार को पति, देवर व सास को दोषी करार दिया है। अदालत आरोपियों को 12 सितंबर को सजा सुनाएगी। दोषियों की पहचान पति विजय कुमार, देवर बंटी, सास प्रकाशो के रूप में हुई है। साल 2018 में सेक्टर-36 थाना पुलिस ने हत्या व आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में पूरे परिवार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने अंबाला जिले में रहने वाले महिला के भाई बबलू की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। बबलू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह पांच भाई-बहन हैं। मृतका मंजीत उर्फ मंजू उसकी चौथे नंबर की बहन है। मंजू की शादी 16 नवंबर 2011 को सेक्टर-52 में रहने वाले विजय कुमार से हुई थी। शादी के बाद मंजू के ससुराल वाले दहेज के लिए तंग और मारपीट करते थे। ससुराल वाले मंजू को दहेज के लिए कई बार घर से निकाल चुके थे। 29 सितंबर 2018 को बबलू को पुलिस का फोन आया कि मंजीत ने घर में फंदा लगा लिया है। इस मामले में पति, देवर, सास व ससुर के खिलाफ मंजीत को प्रताड़ित करने के चलते कार्रवाई की मांग की गई थी। ससुर प्रेमचंद की फरवरी 2019 में मौत हो गई थी। पुलिस ने भाई की शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया था।