गोल मशीन के नाम से जानी जाने वाली शाहाबाद की रानी रामपाल अब भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तानी करेंगी। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान बनीं रानी रामपाल एक साधारण से परिवार से संबंधित हैं। यह बात अपने आप में प्रभावी है कि ओलंपिक का टिकट दिलाने वाली रानी रामपाल के पिता आज भी शाहाबाद की सड़कों पर घोड़ा गाड़ी चलाते हैं।
इतना ही नहीं प्रदेश सरकार द्वारा खिलाड़ियों को मिलने वाले सम्मान से अंसतुष्ट रानी रामपाल ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में पटियाला हॉकी सेंटर ज्वाइन कर लिया है। इससे पहले वह रेलवे में नौकरी कर रही थी।
रानी के जूनियर भारतीय महिला हाकी टीम का कप्तान चुने जाने पर नगर वासियों में खुशी का माहौल है। रानी रामपाल जूनियर विंग में भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाली शाहाबाद की आठवीं खिलाड़ी चुनी गई है। इससे पूर्व शाहाबाद की रीतू रानी, सुरेंद्र कौर, जसजीत सहित अन्य खिलाडिय़ों ने भी टीम का नेतृत्व किया। नव नियुक्त भारतीय हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने कहा है यह उनके लिए एक गर्व की बात है। इस समय रानी दिल्ली में चल रहे कैंप में प्रेक्टिस कर रही है।