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बेमिसाल: बेटी पैदा होने पर जहां पसरता था सन्नाटा, वहां बजे ढोल-नगाड़े

Wed, 15 Feb 2017 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सुनाम (संगरूर)
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सुनाम में बेटी तनवी के जन्म पर खुशी मनाता दीपक का परिवार - फोटो : अमर उजाला
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बेटी पैदा होने पर जिस मोहल्ले में सन्नाटा पसर जाता था वहां आज ऐसी रौनक और जश्न का माहौल था कि सब हैरत में थे। दीपक के यहां बेटी पैदा होने पर मनाई जा रही खुशी को देखकर लोग हैरान थे।
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दलित परिवार की इस अनोखी पहल ने पड़ोसियों के भीतर भी बेटियों को सम्मान और ताकत देने का हौसला भर दिया और इलाके में दीपक के परिवार के इस एक कदम को भविष्य में बड़े कारवां बनने के रूप में देखा जा रहा है। 

वार्ड नंबर 20 में श्री हनुमान मंदिर के पास रहने वाले दीपक कुमार (फर्निचर कारीगर) के यहां 25 दिसंबर को बेटी ‘तनवी’ पैदा हुई है। दीपक की पत्नी ममता रानी से लेकर दीपक के पिता हरी कृष्ण, माता कैलाशो देवी, भाई संदीप कुमार और अन्य परिवार के सदस्यों का खुशी का ठिकाना नहीं है। बेटी के जन्म के सवा माह पूरे होने पर परिवार तनवी के जन्म की खुशियां मना रहा है। मिठाइयां बांटने के अलावा ढोल नगाड़े बजाए जा रहे हैं और बेटा होने पर जो धार्मिक रस्में निभाई जाती हैं, वो तमाम निभाई जा रही हैं। 
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'बेटी भी बेटे से कम नहीं'

पूरे इलाके में दिख रहा दलित परिवार की पहल का असर - फोटो : अमर उजाला
दलित परिवार की इस पहल का असर पड़ोस से लेकर पूरे इलाके में देखने को मिल रहा है। दीपक ने कहा कि परिवार की तमन्ना थी कि उनके यहां बेटी का जन्म हो। 6 साल पहले उसके यहां बेटा हुआ था।

उनकी धानक बिरादरी के लोग हैरत में हैं कि बेटी पैदा होने पर पूरा परिवार इतनी खुशी क्यों मना रहा है। पूरी बिरादरी को बताया गया कि बेटी भी बेटे से कम नहीं है और लोग अब उनकी खुशी में शामिल हो रहे हैं। 

इस वार्ड के नगर पार्षद ऋषिपाल ने कहा कि दीपक के परिवार के यह पहल पूरे इलाके में मिसाल बनकर लोगों को जागरूक करती रहेगी और समाज की बेटियों के प्रति सोच बदलेगी। 
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