Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश बिंदल की खंडपीठ ने पंचकूला में स्ट्रीट वेंडरों को उनके स्थान से हटाने और चालान ड्राइव चलाने के मामले मे दाखिल अवमानना याचिका पर हुडा तथा पंचकूला पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले में याचिका दाखिल करते हुए फुटपाथ वर्कर स्वरोजगार बचाओ संघर्ष समिति ने कहा है कि 16 नवंबर 2015 को हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर स्ट्रीट वेंडरों पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इन आदेशों के तहत पहले से मौजूद किसी भी वेंडर को उसके स्थान से हटाया नहीं जा सकता था। इसके तहत सबसे पहले टाउन वेंडिंग कमेटी बनाई जानी थी, जिसे अपना सर्वे पूरा करना था। सर्वे पूरा होने के बाद वेंडरों को सर्टिफिकेट दिए जाने थे, ताकि उनकी पहचान की जा सके। जब तक यह कार्य पूरा नहीं होता कोई चालान नहीं करने के आदेश थे।
याची ने कहा कि पंचकूला में लगातार हुडा और पुलिस वेंडरों को परेशान कर रही है। दलील दी जाती है कि आदेशों के बारे में प्रतिवादियों को पता नहीं था। जबकि ऐसा हो ही नहीं सकता, क्योंकि मुख्य आदेशों के बाद कई अवमानना याचिकाएं दाखिल की जा चुकी हैं। इन पर हुडा को नोटिस भी जारी हो चुका है। बावजूद इसके हुडा के अधिकारी वेंडरों को परेशान करने पर तुले हुए हैं।