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HCS पेपर लीक मामले में मुख्यारोपी सुनीता का भाई गिरफ्तार, तीन दिन के रिमांड पर

Mon, 25 Jun 2018 12:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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एचसीएस पेपर लीक का आरोपी कुलदीप
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एचसीएस पेपर लीक मामले में एसआईटी ने रविवार को पांचवें एवं मुख्य आरोपी सुनीता के भाई कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लंबे समय से प्रयासरत यूटी पुलिस की एसआईटी ने उसे नई दिल्ली के नजफगढ़ स्थित सुनीता के मकान के बजाय किसी अन्य मकान से गिरफ्तार किया। आरोपी कुलदीप ही मुख्यारोपी बहन सुनीता के साथ पूरे रैकेट का संचालन करता था। उस पर ही कैंडीडेट्स लाने और उनसे मोटी रकम इकट्ठी कर उसे मैनेज करने की जिम्मेदारी थी।
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एसआईटी ने आरोपी से पूछताछ तेज कर दी है, ताकि उन सभी कैंडीडेट्स का पता लग सके, जिन्हें कुलदीप लेकर आया और उनसे पैसे लिए। आरोपी के बैंक अकाउंट्स का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस टीम नई दिल्ली सहित उन सभी जगहों का पता लगाने के प्रयास में है, जहां कुलदीप ने रैकेट की मुख्यारोपी सुनीता सहित अन्यों के कहने पर कैंडीडेट्स से मिलकर उनसे पेपर लीक के एवज में मोटी रकम ली। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई खुलासे किए। आरोपी बीते नौ महीने से फरार चल रहा था।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने नजफगढ़ रेड मारी और उसे दबोचने में कामयाबी हासिल की। उम्मीद जताई गई है कि अब जल्द ही मामले में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। देर रात तक पुलिस आरोपी कुलदीप से शुरूआती चरण से लेकर रैकेट के अन्यों से उसके कनेक्शन, कॉल डिटेल, लोकेशन सहित अन्य तथ्यों की पड़ताल में जुटी रही।
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रात पौने दस बजे अदालत पहुंचे ड्यूटी मजिस्ट्रेट, तीन दिन का रिमांड
एचसीएस पेपर लीक जैसे गंभीर मामले के आरोपी कुलदीप की गिरफ्तारी पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट रविवार रात करीब सवा दस बजे जिला अदालत पहुंचे। पुलिस ने आरोपी से गहनता से पूछताछ, कैंडीडेट्स का पता लगाने, पैसे मैनेज करने और आरोपी के अकाउंट सहित अन्यों का पता लगाने के आधार पर अदालत से उसके तीन दिन के रिमांड की मांग की। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने रिमांड अवधि में कोई कमी रखे बगैर आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है।

इससे पूर्व हुआ ये: अदालत ने आरुषि के मेडिकल के लिए बोर्ड गठित करने से किया इंकार
जिला अदालत ने एचसीएस पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरुषि गोदारा के मेडिकल के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने से इंकार किया था। अदालत ने बचाव पक्ष की ओर से आरुषि को पुलिस रिमांड के दौरान थर्ड डिग्री टार्चर के आरोप संबंधी याचिका में मेडिकल बोर्ड गठित कर उसका मेडिकल कराने की याचिका खारिज की थी। आरुषि की ओर से पेश हुए वकील जेएस डडवाल ने आरोप लगाया था कि एसआईटी ने थर्ड डिग्री टार्चर देकर उससे अपनी मर्जी से स्टेटमेंट लिखवाई और खाली पेज पर साइन करवाए। आरोपी की ओर से भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी इस संबंध में पत्र भेजा गया था।

आरोपियों की गिरफ्तारी
हरियाणा में जजों की नियुक्ति को लेकर हुए एचसीएस (ज्यूडिशियल) पेपर लीक मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने मुख्यारोपी सुनीता की सेक्टर-18 स्थित राधा कृष्ण मंदिर में बने गेस्ट हाउस में रूममेट रही आयुशी गोदारा (23 वर्ष) को 21 मई को गिरफ्तार किया था। अगले ही दिन कांग्रेसी नेता सुनील कुमार चोपड़ा उर्फ टीटू को बहादुरगढ़ स्थित फार्म हाउस से गिरफ्तार किया।

यह है मामला
पंचकूला के पिंजौर की निवासी सुमन ने एडवोकेट मंजीत सिंह के जरिये याचिका दायर कर कहा था कि हरियाणा ने एचसीएस ज्यूडिशियल के 109 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। इसके लिए याची ने भी अप्लाई किया था। परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग सेंटर भी ज्वाइन किया। इस दौरान उसकी दोस्ती एक लड़की सुशीला से हो गई। उसने गलती से याची को एक ऐसी ऑडियो क्लिप भेज दी, जिसमें वह अन्य लड़की से डेढ़ करोड़ में नियुक्ति की बात कर रही थी। जब याची ने सुशीला से पूछा तो उसने वो ऑडियो क्लिप डिलीट कर दी। जब जोर देकर पूछा गया तो पेपर लीक होने की बात पता चली। याची ने कहा उसे विश्वास नहीं हुआ इस स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो सकता है। सुशीला ने याचिकाकर्ता को छह सवाल भी बताए जो परीक्षा में आने थे। जब 16 जुलाई को परीक्षा हुई तो याचिकाकर्ता को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जो सवाल उसे बताये गए, वह परीक्षा में आये थे। याचिकाकर्ता ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को और हाईकोर्ट को एडमिनस्ट्रेटिव साइट पर दी।
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