-पदों के 3 गुना अभ्यार्थियों के बजाय सिर्फ 61 को साक्षात्कार के लिए बुलाने पर उठाए सवाल
-एचपीएससी को तुरंत भंग करके इसकी गड़बड़ियों और घोटालों की उच्च स्तरीय जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में 100 हरियाणा सिविल सर्विस (एचसीएस) की भर्ती को लेकर विपक्षी दलों ने हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) को निशाने पर लिया है। कांग्रेस और इनेलो ने एचपीएससी पर सवाल उठाए हैं। साथ ही अपने चहेते अभ्यर्थियों के लिए नियम बनाने के आरोप लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने एचपीएससी को तुरंत भंग करने और इसमें हुई गड़बड़ियों और घोटालों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने पूछा है कि क्या एचपीएससी को हरियाणा में इस भर्ती के लिए 100 योग्य उम्मीदवार नहीं मिले? ऐसा कैसे हो सकता है कि परीक्षा में कुल पदों जितने उम्मीदवार भी पास नहीं हो पाएं? 100 पदों की भर्ती के लिए सिर्फ 61 अभ्यर्थियों का पास होना अपने आप में भर्ती प्रक्रिया और भर्ती संस्था पर सवालिया निशान है। हरियाणा लोक सेवा आयोग ने जानबूझकर फेरबदल करके ऐसे नियम बनाए हैं, जिससे कुल पदों जितनी नियुक्ति ना हो पाए और पद खाली रहें। नियम कहता है कि पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए। लेकिन इसका उल्लंघन करते हुए 300 के बजाय सिर्फ 61 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जा रहा है।
वहीं, इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने इसे घोटाला करार दिया है। चौटाला का आरोप है कि एचपीएससी की कार्यप्रणाली जगजाहीर है, यहां पर सूटकेस के हिसाब से नौकरी दी जाती है। तुरंत प्रभाव से आयोग को भंग किया जाए।
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हेराफेरी सर्विस कमीशन बना एचपीएससी : सुरेजवाला
चंडीगढ़। एचसीएस की 100 पदों की भर्ती में केवल 61 अभ्यर्थियों को पास किए जाने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एचपीएससी ‘हेराफेरी सर्विस कमीशन’ बन कर रह गया है।
सुरजेवाला ने कहा कि नियमों के मुताबिक, मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों को मेरिट में आने के लिए हिंदी और अंग्रेजी के पेपर में 33 प्रतिशत और सभी पेपरों के मिलाकर कुल 45 प्रतिशत अंक हासिल करने होते हैं। जो अभ्यर्थी ये शर्त पूरी करते हैं, उनमें से कुल पदों के ढाई गुणा अभ्यर्थियों की मेरिट बनाकर उनको साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि या तो हरियाणा के मेधावी युवाओं को जानबूझकर फेल किया गया है ताकि बाहरियों को हरियाणा में फिट किया जा सके। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि चेयरमैन आलोक वर्मा के गृहप्रदेश से लाकर युवाओं को यहां अफसर बनाया जा रहा है।