अखिल ने बताया कि माउंट लिट्रा स्कूल में परीक्षा दे रहे मनोज के पास आंसर-की पहुंचाने की जिम्मेदारी स्कूल में कार्यरत क्लर्क जसबीर व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कुलदीप और मनोज के साले दीपक की थी। मामले में तुरंत ही एक टीम को माउंट लिट्रा स्कूल भेजा गया और वहां से दीपक, जसबीर और कुलदीप को पकड़ लिया। मनोज मौके से फरार हो गया। जैन गर्ल्स स्कूल से पुलिस टीम ने दिनेश को पकड़ लिया। उसने स्वीकार कर लिया कि उनका पूरा गैंग पेपर लीक करने से जुड़ा है। उधर एसटीएफ गुरुग्राम ने गिरोह के सरगना पंकज सहित तीन आरोपियों को पकड़ा है।
करनाल से लीक हुआ था पेपर
नायब तहसीलदार का पेपर करनाल के एसएस इंटरनेशनल स्कूल से लीक हुआ था। सुबह के सत्र में करनाल के कुंजपुरा रोड पर स्थित एसएस इंटरनेशनल स्कूल से एक शिक्षक व चपरासी के माध्यम से वाट्सएप पर प्रश्न पत्र को आउट किया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि यह पेपर जिले के एक बीईओ के पास भेजा गया। बीईओ ने आगे इसे फारवर्ड कर दिया। गुरुग्राम में पंकज ने इस पेपर को सॉल्व करके अखिल के पास आंसर-की भेजी थी। करनाल में पेपर लीक करने के मामले में एसएस इंटरनेशनल स्कूल का कर्मचारी राजकुमार शामिल था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।