ब्लड प्रेशर को देखकर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह सामान्य है या मरीज हाइपरटेंशन का शिकार है। क्या है इसकी वजह और रोकथाम के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे के मौके पर सेक्टर 10 में संवादाताओं से बातचीत में डॉ. रोहित पार्थिव ने हाइपरटेंशन के लक्षण और इससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारियां दी।
डॉ. रोहित के मुताबिक आकंड़े बताते हैं कि मौजूदा दौर में हर तीन में से एक व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार है। अधिकतर 25 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोगों के इसके शिकार होने की अधिक संभावना होती है।
देश में हाइपरटेंशन के शिकार मरीज कई बार इस बारे में देरी से पता चलने की वजह से समय पर इसका इलाज नहीं करवाते। इसी वजह से उन्हें बाद में परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
ऐसे में जरूरी है कि इस बीमारी के प्रति लोगों में अधिक जागरूकता हो, ताकि समय पर इससे बचाव के उपाय किए जा सकें। हाइपरटेंशन से प्रभावित प्रत्येक 5 व्यक्ति में सिर्फ एक व्यक्ति ही इलाज करवा पाता है।
डॉ. पार्थिव ने बताया कि हाइपरटेंशन के कारण हार्ट अटैक भी हो सकता है। इसके अलावा इसके कारण आंखों की रोशनी भी जा सकती है या लीवर के खराब होने की भी आशंका बनी रहती है।
बचाव के उपाय
- औसत रक्तचाप 85 से 135 के बीच रहना चाहिए। इससे अधिक होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- ऐसे मरीज ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करवाएं और खान पान में खास ध्यान रखें।
-हाइपरटेंशन के मरीज को स्मोकिंग, शराब के सेवन से बचना चाहिए।