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Chandigarh News: सैकड़ों छात्रों से ठगी में लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बावजूद क्रिस्पी कैसे हुई फरार

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चंडीगढ़। सैकड़ों छात्रों से करोड़ों की ठगी में फरार चल रही क्रिस्पी खैहरा के मामले में एडवोकेट वरिंदर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अफसरों को कठघरे में खड़ा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सैकड़ों बच्चों से करीब 100 करोड़ ठगने के बाद एक महिला बिना किसी बड़े अधिकारी की मिलीभगत के आखिर कैसे शहर ही नहीं बल्कि देश छोड़कर फरार हो गई जबकि क्रिस्पी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी होने और सूचना देने पर 50,000 रुपये का इनाम तक घोषित है। उन्होंने क्रिस्पी खैहरा को वापस भारत लाने और उसे भगाने में मदद करने वाले पुलिस अफसरों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की मांग करते हुए डीजीपी पंजाब को भी शिकायत दी है। एक तरफ करोड़ों की ठगी में आरोपी पीओ घोषित क्रिस्पी खैहरा पर सरकार ने 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा है वहीं दूसरी ओर वह ऑनलाइन गूगल मीडिया मीट पर प्रेस कांफ्रेस कर खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। क्रिस्पी ने कहा कि सैकड़ों स्टूडेंट से 100 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप मीडिया में केवल इसलिए उछाला जा रहा है कि उसकी ओर से एक आईपीएस के खिलाफ जांच एजेंसियों को दर्ज कराए गए केस से ध्यान भटकाया जा सके। उसके पति को भी गलत केस में रोपड़ जेल में रखा गया है।
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क्रिस्पी का कहना है कि तमाम शिकायतों और आरोपों का केवल एक मात्र मकसद है कि वह आईपीएस के खिलाफ दी गई शिकायत में समझौता कर ले। वहीं, बात की जाए 100 करोड़ रुपये की ठगी की तो यह केवल वकील ही कह रहे हैं। 100 करोड़ की ठगी की बात न तो अदालत ने और न ही पुलिस या जांच एजेंसी ने कही है। पुलिस की ओर से अदालत में केवल आठ लाख के एक मामले में चालान पेश किया गया है। उनकी जान को खतरा है, इसलिए हाईकोर्ट में सुरक्षा और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को लेकर अर्जी भी डाल रखी है। वह अपनी जान को खतरा होने के चलते किसी सुरक्षित ठिकाने पर रह रही है, समय आने पर वह जल्द ही सबके सामने आएगी।

क्रिस्पी को वापस लाने के लिए डीजीपी से लेकर कई जगह शिकायत
एडवोकेट वरिंदर ने बताया कि उसे भगाने में पुलिस ने भी साथ दिया है। इसलिए उन्होंने क्रिस्पी खैहरा को वापस भारत लाने और उसे भगाने में मदद करने वाले दागी पुलिस अफसरों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने डीजीपी पंजाब भी शिकायत दी है। इसके अलावा वह द कैनेडियन कॉन्सुलेट इन इंडिया, एयर कैनेडा और गवर्नर ऑफ पंजाब को भी शिकायत भेज चुके हैं।
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जेल में मजे ले रहा पति देविंदर गिल

एडवोकेट वरिंदर सिंह ने बताया कि क्रिस्पी का पति देविंदर गिल उर्फ थापा भले ही पुलिस कस्टडी में है, लेकिन वह जेल में भी मौज ले रहा है। पुलिस कभी देविंदर गिल को अस्पताल में एडमिट कर वीआईपी ट्रीटमेंट देती है ताे कभी पेशी पर कोर्ट लाने के बजाय उसके निजी काम के लिए ईधर-उधर ले जाती है। एक बार तो वह किसी प्रॉपर्टी की डील के लिए पुलिस कस्टडी में अपने घर तक पहुंच गया था। वहीं, कुछ दिन पहले चंडीगढ़ कोर्ट में पेशी के लिए आया तो हाथ में एन्ड्रॉयड वॉच पहनी थी जोकि टेली कम्युनिकेशन का जरिया है।

क्या है मामला

प्रेस कॉन्फेंस के दौरान वकील वरिंदर ने बताया कि क्रिस्पी ने अपने पति देविंदर सिंह गिल उर्फ थापा के साथ तक 300 से ज्यादा स्टूडेंट्स को ठगा है। इन पर दर्जनों एफआईआर दर्ज हैं। थापा को तो दो साल पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वह अभी रोपड़ जेल में है क्योंकि उस पर पंजाब में भी केस दर्ज है। खुद वह जेल में है, लेकिन उसकी पत्नी फरार होने में कामयाब रही है। ये दोनों पहले जाली इमिग्रेशन कंपनियां बनाते थे। लोगों को विदेश भेजने का सपना दिखाते थे और फिर उनसे लाखों रुपये ठग लेते थे, लेकिन बाद में वे स्टूडेंट्स को वीजा भी नहीं देते थे और उनके रुपये भी नहीं लौटाते थे। जो पैसा उसने भोले-भाले स्टूडेंट्स को ठग कर बनाया था। उसका इस्तेमाल अब वह जेल में आराम की जिंदगी जीने में कर रहा है। वहीं, उसकी पत्नी इस पैसे से कनाडा भागी और वहां उसे खर्च कर रही है जबकि इतनी एफआईआर होने के बावजूद पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी और इसका नतीजा ये हुआ कि विद्यार्थियों को उनका पैसा वापस नहीं मिला।
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