यूटी प्रशासन के 4000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाई गई हाउसिंग स्कीम को लेकर दायर याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के रवैये पर कड़ा एतराज जताया है। यहां तक कहा है कि हाईकोर्ट अब इस मामले को अंजाम तक लेकर जाएगा।
जस्टिस अजय कुमार मित्तल और जस्टिस रामेंदर जैन की खंडपीठ ने मंगलवार को मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मंजूरी के बावजूद चंडीगढ़ प्रशासन का रवैया इस बारे में ढुलमुल ही बना हुआ है।
इस बीच, मंगलवार को केंद्र सरकार की ओर से हाईकोर्ट में केंद्रीय गृह मंत्रालय में गत चार अक्तूबर को हुई बैठक के मिनट्स सौंपे। कहा गया कि सभी विषयों पर गौर करने के बाद अब मामले में डिपाटमेंट आफ एक्सपेंडीचर की राय के लिए भेजा गया है। केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि विभाग की राय मिलने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। केंद्र से इस जवाब को रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 16 नवंबर तक स्थगित कर दी।