चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने करवाया फ्लैट्स का सर्वे।
- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने रविवार को शहर के 15 इलाकों में मौजूद 1268 फ्लैट्स का सर्वे कराया। इसके लिए कई टीमें बनाई गई थीं, जिन्होंने एक-एक फ्लैट्स में जाकर सर्वे किया। बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग ने बताया कि सर्वे पूरा हो चुका है। इसकी रिपोर्ट सोमवार को आएगी।
शहर के स्मॉल फ्लैट्स में असली आवंटी रह रहे हैं या नहीं, यह पता लगाने के लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने अगस्त-सितंबर माह में पूरे शहर में सर्वे कराया था। इसमें 895 फ्लैट्स में कोई और रहता मिला था, जबकि 1268 फ्लैट्स बंद पाए गए थे। इन बंद पड़े फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को बोर्ड ने एक और मौका देने का फैसला लिया, जिसके तहत ही इस रविवार को दोबारा सर्वे कराया गया। बोर्ड की तरफ से रिपोर्ट तैयार होने के बाद कार्रवाई पर फैसला किया जाएगा।
यशपाल गर्ग ने बताया कि पहले सर्वे के दौरान कई फ्लैट्स लॉक मिले थे, जिसके चलते उन्होंने दोबारा उन फ्लैट्स का सर्वे कराया है। उन्होंने कहा कि इस सर्वे के बाद ही नियमों की अनदेखी करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी। बता दें कि सीएचबी ने स्मॉल फ्लैट्स और अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम के तहत आवंटित किए गए फ्लैट्स का सर्वे कराया है। ये फ्लैट्स सेक्टर-38 वेस्ट, 49, 56, राम दरबार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1, धनास, मौलीजागरां और मलोया में बने हुए है। सर्वे के दौरान सीएचबी की टीम के साथ पुलिस कर्मचारी भी मौजूद रहे। बता दें कि बोर्ड के अनुसार ऐसे सभी लोगों के मकानों की अलॉटमेंट रद्द की जा सकती है, जिन्हें आगे बेच दिया गया है। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है।