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हाउस टैक्स पर छिड़ा घमासान, चेयरमैन चावला का इस्तीफा

Sat, 01 Aug 2015 08:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रशासन द्वारा पार्षदों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से टैक्स थोपने का विरोध शुरू हो गया है। नगर निगम की हाउट टैक्स कमेटी के चेयरमैन सुभाष चावला ने इससे नाराज होकर पद से इस्तीफा दे दिया है। नगर निगम कमिश्नर भावना गर्ग को भेजे इस्तीफे में चावला ने कहा है कि वह महसूस करते हैं कि प्रशासन ने शहरवासियों पर अनावश्यक बोझ डाला है।
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चंडीगढ़ नगर निगम की वित्तीय स्थिति पहले से ही काफी मजबूत है और यहां ऐसे किसी भी टैक्स की जरूरत नहीं थी। टैक्स का फैसला लागू करने से पहले मेयर, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, मानोनीत पार्षदों और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों से राय तक नहीं ली गई। ऐसे किसी भी फैसले से पहले जनप्रतिनिधियों की सलाह ली जाती है मगर अधिकारियों ने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए जनप्रतिनिधियों की अवमानना की है।

अफसरों का यह रवैया उस लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी भी करता है, जिसके तहत लोग अपना प्रतिनिधि चुनकर फैसले लेने के लिए भेजते हैं। हाउस टैक्स कमेटी भी ऐसे ही फैसले लेने के लिए थी मगर जब अफसरों ने ही फैसला कर लिया तो वह चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
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भाजपा राजनीति कर रही है : मेयर

मेयर पूनम शर्मा का कहना है कि भाजपा हाउस टैक्स के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रही है। शहर की जनता जानती है कि हाउस टैक्स के लिए कौन जिम्मेवार है। उनका लक्ष्य शहर का विकास है जिसके लिए वह वचनबद्ध हैं।

50 हजार फार्म प्रिंट करने के दिए आर्डर
नगर निगम के अफसरों ने सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत 50 हजार फार्म प्रिंट करने का आर्डर दिया है। हाउस टैक्स जमा करने की सुविधा लोगों को प्रापर्टी टैक्स की तरह ई-संपर्क सेंटर और ओबीसी बैंक की शाखाओं में ही मिलेगी, जबकि एक काउंटर नगर निगम में भी बनाया जाएगा। ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता का कहना है कि दूसरे बैंकों से भी बात की जा रही है ताकि वहां पर भी हाउस टैक्स जमा करवाने की सुविधा मिल सके।

भाजपा के तर्क
चावला के इस्तीफे का क्या असर होगा?
अरुण सूद: चावला अपनी इच्छा से हाउस टैक्स कमेटी के चेयरमैन बने थे और अब इस्तीफा दे रहे हैं।

आप इसे हाउस टैक्स का विरोध नहीं मानते?
अरुण सूद : नहीं, अगर वह सच्चे मन से हाउस टैक्स का विरोध कर रहे हैं तो सदन की सदस्यता से इस्तीफा दें।

इस भारी भरकम हाउस टैक्स के लिए कौन जिम्मेदार है?
अरुण सूद : अगर हाउस टैक्स के लिए कोई जिम्मेदार है तो वह खुद चावला हैं। वर्ष 2013 में वह मेयर थे और उसी साल पहली वार शहर में हाउस टैक्स लगाया गया।

तब तो आपने हाउस टैक्स का विरोध किया था पर अब क्यों नहीं?
अरुण सूद: हमारा अधिकारियों से नहीं कांग्रेस के खिलाफ विरोध है। अगर प्रस्ताव सदन में आता तो संतुलित टैक्स लगाने पर विचार करते।
(अरुण सूद नगर निगम में भाजपा पार्षद दल के नेता हैं)

इस्तीफा देने का कदम क्यों उठाया?

सुभाष चावला : नगर निगम जनता द्वारा चुनी गई संस्था है, जिसे पूरी तरह इग्नोर किया गया है। अफसरों ने लोकतांत्रिक प्रणाली की ही अनदेखी की। जनप्रतिनिधि होने के नाते शहरवासियों के हितों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। हाउस टैक्स से लोगों में नाराजगी है और चेयरमैन होने के नाते अफसरों की मनमानी के खिलाफ मुझे इस्तीफा देने चाहिए और मैंने दिया। मेयर, सीनियर और डिप्टी मेयर सहित सभी पार्षद प्रशासक के सलाहकार विजय देव को पिछले बुधवार को मिले थे। उस बैठक में सभी ने जनता की राय और अपनी भावनाएं सलाहकार को बता दी थी लेकिन इसके बावजूद कोई पाजिटव रिसपोंस नहीं मिला।

इतना ज्यादा टैक्स लगाया गया है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
सुभाष चावला - इसके लिए मैं सिर्फ अफसरों को जिम्मेदार नहीं कह सकता। फैसले नीतिगत होते हैं और फैसला भाजपा सरकार ने लिया है। इसलिए इसके लिए भाजपा ही जिम्मेदार है। इसलिए वह पार्टी जो पहले एक रुपया टैक्स लगाने का विरोध कर रही थी अब भारी भरकम टैक्स लगाए जाने पर भी चुप है।

इस पूरे प्रकरण में सांसद को क्या भूमिका निभानी चाहिए?
सुभाष चावला- यह हाउस टैक्स सांसद की सहमति और मिलीभगत से ही शहरवासियों पर थोपा गया है। अगर उनसे सहमति नहीं ली गई तो उन्हें भी इस्तीफा देना चाहिए। जैसे हाउस टैक्स कमेटी की सहमति नहीं ली गई थी तो मैंने इस्तीफा दिया है।
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प्रापर्टी टैक्स पर व्यापारियों ने मांगी 25% छूट

प्रशासन ने नगर निगम को सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत हाउस टैक्स जमा करवाने वालों को 25 प्रतिशत छूट देने के लिए कहा है। इसके बाद शहर के व्यापारियों ने मांग की है कि प्रापर्टी टैक्स में उन्हें भी इस तरह की सुविधा दी जाए। शहर की कामर्श्यल इमारतों पर सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत दो माह के लिए 10 प्रतिशत छूट देने का प्रावधान है।

जबकि प्रशासन की ओर से जो हाउस टैक्स शहरवासियों पर थोपा गया है उसमे लोगों के राहत देने के लिए 10 से बढ़ाकर छूट 25 प्रतिशत कर दी गई है। नगर निगम ने शुक्रवार को 25 प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया, जिस पर कमिश्नर ने मंजूरी दे दी है।

हाउस टैक्स के लिए 5 अगस्त को सेल्फ असेसमेंट स्कीम को लागू करने का प्रस्ताव है। इसके लिए नगर निगम की ओर से पब्लिक नोटिस जारी कर दिया गया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह का कहना है कि व्यापारी साल 2003 से लगातार प्रापर्टी टैक्स अदा कर रहे हैं और उन्हें दो माह के लिए एसएसएस स्कीम के तहत 10 प्रतिशत की छूट दी जाती है।

व्यापारी पहले से ही कई तरह के जुर्माने और टैक्स के बोझ के नीचे दबे हुए हैं, ऐसे में प्रापर्टी टैक्स में भी हाउस टैक्स की तरह 25 प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए। चरणजीव सिंह का कहना है कि वह उन पार्षदों से संपर्क करेंगे जो व्यापारी हैं। उनसे 25 प्रतिशत छूट दिलवाने के लिए मदद मांगेंगे।
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