चंडीगढ़। शहर के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में पार्किंग की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। हालात ऐसे हैं कि जहां कारों के खड़े होने की व्यवस्था होनी चाहिए, वहां घोड़े, रेहड़े और अस्थायी ढांचे कब्जा जमाए हुए हैं। नतीजा यह कि औद्योगिक क्षेत्र में आने वाले कर्मचारियों, उद्यमियों और ग्राहकों को अपनी गाड़ियां सड़क पर खड़ी करनी पड़ रही हैं जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन रही है।
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की एक प्रमुख पार्किंग में घोड़े और रेहड़े खड़े किए जा रहे हैं जिससे पार्किंग का मूल उद्देश्य ही खत्म हो गया है। इसी पार्किंग से सटी दूसरी पार्किंग में एक ढाबा संचालक रात होते ही कुर्सी-मेज, तंदूर और अन्य सामान जमा देता है। पार्किंग एरिया ढाबे का विस्तार बन चुका है। इस क्षेत्र के आसपास बैंक, इंडस्ट्री और एलांते मॉल जैसे बड़े संस्थान मौजूद हैं जहां दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। बावजूद इसके, पार्किंग उपलब्ध न होने से वाहन चालकों को मजबूरी में सड़क पर गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है।
स्थानीय दुकानदार संजय ने कहा कि पार्किंग में गाड़ियां न खड़ी होने के कारण सड़क पर जाम लग जाता है। कई बार हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि वाहनों का निकलना भी मुश्किल हो जाता है। औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही पहले से ही अधिक रहती है, ऐसे में सड़क किनारे पार्किंग स्थिति को और खराब कर देती है।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अवि भसीन ने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में कुछ स्थानों पर पार्किंग की सुविधा मौजूद है लेकिन अतिक्रमण के कारण उद्यमी उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पार्किंग एरिया से तुरंत कब्जे हटाए जाएं और दोनों इंडस्ट्रियल एरिया में खाली पड़ी जमीन पर नई पार्किंग विकसित की जाए।
उद्यमी सुनील कंसल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था बेहद जरूरी है। मौजूदा पार्किंग से अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ भविष्य की जरूरतों को देखते हुए स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि उद्योगों और आम लोगों को राहत मिल सके।