पंचकूला में स्ट्रे डॉग्स के आतंक पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने मोर्चा खोल दिया है। फिलहाल सिर्फ पांच डॉग्स का इस्ट्रेलाइजेशन रोजाना हो रहा था। इस स्थिति से उबरने के लिए पंचकूला निगम ने रोजाना बीस स्ट्रे डॉग्स का इस्ट्रेलाइजेशन का लक्ष्य रखा है। इसके लिए एजेंसियों को आमंत्रित किया गया है।
पंचकूला में स्ट्रे डॉग्स की आबादी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसे रोकने के लिए एक ठेकेदार स्ट्रे डॉग्स को पकड़ता है और इसके बाद सेक्टर-3 के पेट सेंटर में इनका इस्ट्रेलाइजेशन किया जाता है। इस प्रक्रिया में पांच स्ट्रे डॉग्स का इस्ट्रेलाइजेशन ही रोजाना हो पाता है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस रफ्तार से स्ट्रे डॉग्स की आबादी पर कंट्रोल नहीं किया जा सकता है।
अब नई प्रक्रिया के तहत एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त संगठनों को टडर के माध्यम से आमंत्रित किया गया है। इनमें से जिस संगठन (एजेंसी) की कास्ट और कार्य बेहतर पाया जाएगा उसको स्ट्रे डॉग्स का इस्ट्रेलाइजेशन सौंपा जाएगा। यही एजेंसी डॉग्स को पकड़ेगी और उसका इस्ट्रेलाइजेशन करेगी और उसकी केयर करने के बाद उसको उसी स्थान पर छोड़ देगी जहां से उठाया जाएगा।
निगम उपलब्ध करवाएगा जगह
पंचकूला नगर निगम द्वारा स्ट्रे डॉग्स के इस्ट्रेलाइजेशन के लिए जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि सेलेक्ट की गई जगह में डबल डैकर पिंजड़े बनाएं जाएंगे। जिसमें स्ट्रे डॉग्स को रखा जाएगा। इसी स्थान पर इस्ट्रेलाइजेशन के लिए एक आपरेशन थिएटर तैयार किया जाएगा। कोशिश यह की जा रही है कि कम से कम एक स्थान पर पचास से साठ डॉग्स को रखने की व्यवस्था हो।
जगदीप ढांडा, नगर निगम आयुक्त पंचकूला ने बताया कि पंचकूला में स्ट्रे डॉग्स काफी ज्यादा हो चुके हैं। हमारा उद्देश्य है कि प्रतिदिन पंचकूला में 20 डॉग्स का इस्ट्रेलाइजेशन किया जाए। डॉग्स को पकड़ने से लेकर उनका इस्ट्रेलाइजेशन करने और उनके स्थान पर छोड़ने तक का काम एक एजेंसी को देने का फैसला किया है। इसके लिए टेंडर किए गए हैं। कोशिश है कि फरवरी तक यह काम शुरू हो जाए।