मोहाली के सेक्टर-70 आईवरी टावर रिहायशी सोसाइटी की पार्किंग में अचानक आग लग गई। हादसे में सफारी सहित दो कारें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। जबकि पार्किंग में ही खड़ी एक कार को मुश्किल से बचाया गया।
वहीं आग की लपटों व धुएं की चपेट में फर्स्ट फ्लोर में रहने वाले लोग भी आ गए। जिन्हें बड़ी मुश्किल से सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा गया। इनमें अस्सी साल की एक बुजर्ग भी शामिल है।
कुछ लोगों का कहना था कि कार स्टार्ट करते समय सिलेंडर फटने से आग लगी। जबकि परिवारिक सदस्यों ने इसे सिरे से नकार दिया। फायर व पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारण साफ नहीं हो पाए हैं। जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक आईवरी टॉवर के ब्लॉक नंबर बी के मकान नंबर 404 के पर्किंग एरिया में लगी थी। आग पार्किंग में खड़ी सफारी कार से लगी। जिसने कुछ ही देर में पास खड़ी एक अन्य कार व एक सिलेंडर को भी चपेट में ले लिया। सिलेंडर के ब्लॉस्ट होने से आग और तेज हो गई।
इसके अलावा पार्किंग में रखे सामान ने भी आग पकड़ ली। आग से ऊंची लपटें उठने लगीं। अफरातफरी मची तो ऊपरी मंजिल में रहने वाले लोग भी आ गए। इसी बीच करीब दोपहर 2:10 बजे फायर बिग्रेड की दो गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद ऊपर फंसे लोगों को सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा गया। इनमें एक 80 साल की बुजुर्ग भी थी।
फायर ब्रिगेड ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत से आग पर काबू पाया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर विधायक बलबीर सिंह सिद्धू, एसपी सिटी आशीष कपूर सहित कई सीनियर अधिकारी पहुंच गए। उन्होंने तुरंत स्थिति का जायजा लिया।
फायर सेफ्टी बने शोपीस, लोग आफत में
मौके सोसाइटी की सदस्य मीना चीमा ने बताया कि एक तो उनकी सोसाइटी में फायर सेफ्टी सिस्टम बंद पड़े हैं। जिससे आग बुझाने में दिक्कत आई। उन्होंने फायर ब्रिगेड को काफी फोन किए। लेकिन फायर ब्रिगेड देरी से पहुंची। जिसने काम और बिगाड़ दिया।
चंडीगढ़ ने नहीं की मदद
अमृता पुरी ने बताया कि जब उन्होंने इलाके में आग लगी देखी वह परेशानी में आ गए। इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ फायर ब्रिगेड को भी फोन किए। लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
परिवार वाले उलझे लोगों व पुलिस से
जब पुलिस वाले जांच कर रहे थे तो कुछ लोगों ने कहा कि सफारी में सीएनजी किट लगी थी। गाड़ी स्टार्ट करते समय ब्लास्ट हो गया। जिसके चलते ये हालत हुई। इससे परिवार के सदस्य लोगों व पुलिस से उलझ गए। उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है। किसी शरारती तत्व ने लाग लगाई हो। मौके पर इलाके के पार्षद राजपूत भी मौजूद रहे। उन्होंने मुश्किल से लोगों को शांत किया।
अंजान युवक बना खतरों का खिलाड़ी
जब घर में आग लगी तो वहां से अमृत नाम का युवक गुुजर रहा था। वह जान को खतरे में डालकर वहां पहुुंच गया। वह आग में फंसे लोगों को निकालने में जुट गया। उसने घर के फर्स्ट फ्लोर में लोगों को बड़ी मुुश्किल से निकाला। इसके अलावा वहां सोसाइटी में काम करने वाले भी काम में जुट गए।
क्या कहते हैं अधिकारी
सब फायर अफसर मोहन लाल वर्मा ने कहा कि फायर ब्रिगेड को 1.53 पर फोन आया था। फायर ब्रिगेड तय समय में पहुंची। आग की वजह साफ नहीं हो पाई है। पता चला है कि फायर सेफ्टी सिस्टम पूरे नहीं थे। टीम रविवार को दोबारा फिर मौके पर जाकर सारी स्थिति का जायजा लेगी।
आग पर कुछ ही समय में काबू पा लिया गया। किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है। आग लगने की वजह पता नहीं हो पाई है। पुलिस जांच कर रही है।
-आशीष कपूर एसपी सिटी