हरियाणा में विधानसभा चुनाव सिर पर देख पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बनाया है। हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन की बाट जोह रहा हुड्डा खेमा अब आलाकमान के फैसले के बिना ही अपनी तैयारी करेगा। जिसके लिए हुड्डा समर्थक विधायकों ने दिल्ली आवास पर आयोजित बैठक में हुड्डा के साथ एक सुर में सुर मिलाया।
इस बैठक में शकुंतला खटक, ललित नागर, जगबीर मलिक, कृष्ण हुडडा, करण दलाल, रघुबीर कादियान, कुलदीप शर्मा, जयतीर्थ दहिया, गीता भुक्कल, आनंद सिंह दांगी और उदयभान शामिल थे।
बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि लोकसभा चुनाव पार्टी नेतृत्व ने कमजोरी से लड़ा है। हरियाणा में विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ा जाएगा। इस दौरान किसान कर्मचारी और कानून व्यवस्था को कांग्रेस मुददा बनाएगी। जिसकी शुरुआत परिवर्तन महारैली के माध्यम से की जाएगी। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि पार्टी में ेनेतृत्व बदलाव पर आलाकमान फैसला करेगा।
हमारी तरफ से प्रस्ताव पास कर आलाकमान को भेजा जा चुका है। ऐसे में हम चुप नहीं बैठ सकते। हरियाणा में भाजपा को जड़ से उखाड़ने के लिए मैं स्वयं ही मैदान में उतरूंगा। मालूम हो कि हरियाणा कांग्रेस में कलह अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से चल रही है।
हुडडा खेमा अशोक तंवर को अध्यक्ष नहीं देखना चाहता। जबकि तंवर अभी तक अध्यक्ष पद पर टिके हुए हैं। हुडडा के इस निर्णय के बाद अब नजरें कांग्रेस आलाकमान के निर्णय पर रहेंगी।
नेता प्रतिपक्ष पर जल्द होगा फैसला
मालूम हो कि नेता प्रतिपक्ष का पद अभय चौटाला के विधायकों के साथ छोड़ने के बाद कांग्रेस के खेमे में पहुंच गया है। लेकिन अभी तक यह फैसला नहीं हुआ है कि यह पद किसे मिलेगा। विधायक दल की नेता किरण चौधरी स्पीकर को इस पद के लिए पत्र लिख चुकी हैं। पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा है कि इस पद पर फैसला आलाकमान के निर्णय से ही होगा।