हरियाणा में कांग्रेस भले ही सत्ता से दूर रह गई हो, लेकिन नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। नई विधानसभा के पहले सत्र में वह गजब के उत्साह में दिखे। उन्होंने सदन में कहा कि इतिहास खुद को दोहरा रहा है। पहले वह नेता प्रतिपक्ष बनते हैं और उसके बाद सीएम।
उन्होंने सत्ता की कुर्सियों और विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि इधर-उधर आना जाना लगा रहता है। 2002 से 2004 तक नेता विपक्ष रहने के बाद ही वह सीएम बने थे। उसके बाद उन्होंने दस साल तक प्रदेश की सत्ता संभाली। इस बार भी वह नेता प्रतिपक्ष बने हैं और सीएम भी बनेंगे। हुड्डा की इस बात पर पूर्व खेल मंत्री अनिल विज चुटकी लेने से पीछे नहीं रहे।
विज ने कहा कि हुड्डा साहब लेते रहो सपनो। हुड्डा ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने सदन के नेता को विश्वास दिलाते हुए कहा कि विपक्ष विरोध के लिए विरोध नहीं करेगा। जो मुद्दे राजनीति से ऊपर उठकर हल करने के होंगे, उनका मिलकर समाधान किया जाएगा। हुड्डा ने सदन में संकेत दे दिए कि सरकार के अच्छे कामों पर उंगली उठाएंगे नहीं और गलत कामों को उजागर करने से पीछे नहीं रहेंगे।
इस बार तीन विधायकों की छठी : हुड्डा
हुड्डा सदन में खुशनुमा मूड में दिखे। उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा में तीन विधायकों की छठी है। इस पर सदन में ठहाके लगे। जिस पर हुड्डा ने कहा कि उन्होंने छठी इसलिए कहा, चूंकि तीन विधायक रघुबीर कादियान, अनिल विज और श्रीकृष्ण हुड्डा छठी बार चुनकर आए हैं। तीनों ही उनसे वरिष्ठ विधायक हैं। हालांकि वह खुद भी पांचवीं बार चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं।