अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार घोटालेबाजों के संरक्षक की तरह काम कर रही है। एफपीओ और फसल बीमा योजनाओं के नाम पर किसानों से धोखा करके बड़े घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है। एफपीओ के नाम पर किसानों के साथ हुआ सैकड़ों करोड़ का घोटाला इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पहले धान व बाजार खरीद, फिर फसल बीमा और मुआवजे के नाम पर किसानों से सैकड़ों करोड़ की लूट हुई। उसके बाद अब सरकार के एक और घोटाले का खुलासा हुआ है। किसानों के करोड़ों रुपये हड़पने के लिए फर्जी किसानों के नाम पर फर्जी एफपीओ बनाए गए। जिन रुपयों का इस्तेमाल किसानों के उत्थान के लिए होना चाहिए था, वह सीधे घोटालेबाजों की जेब में गया। ड्रिप सिंचाई पर सरकार की तरफ से मिलने वाली 85% तक सब्सिडी भी किसानों को देने की बजाय घोटालेबाजों ने डकार ली। हुड्डा ने कहा कि इससे पहले गठबंधन सरकार हर सीजन में किसानों को फसल बीमा योजना के नाम पर ठगती आ रही है। पीएम फसल बीमा योजना के जरिए किसानों को लूटकर निजी बीमा कंपनियों का खजाना भरा जा रहा है। संसद में खुद केंद्र ने जुलाई महीने में बताया था कि पिछले 7 साल में निजी बीमा कंपनियों ने पूरे देश में 1,97,657 करोड़ रुपये बीमा प्रीमियम वसूला। इसके बदले में कंपनियों ने 1,40,036 करोड़ का ही मुआवजा दिया। यानी उन्हें कुल 57,000 करोड़ का तगड़ा मुनाफ़ा हुआ। हरियाणा में वर्ष 2022-23 में एआईसी कंपनी 703.84 करोड़ रुपये प्रीमियम लिया, लेकिन सिर्फ 7.46 करोड़ रुपये का ही मुआवजा दिया। यानी 99 प्रतिशत राशि कंपनी की तिजोरी में गई।