फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: कौशल रोजगार निगम की भर्तियों और प्रॉपर्टी ID घोटाले को लेकर विधानसभा से कांग्रेस का वॉकआउट

Tue, 27 Dec 2022 10:47 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

सदन में दूसरे दिन भी हंगामा हुआ। शीर्ष नेताओं पर निकाय मंत्री की विवादित टिप्पणी से गुस्साए कांग्रेसी वेल में पहुंचे। वहीं मुख्यमंत्री को खुद कमान संभालनी पड़ी। इसपर हुड्डा के साथ तीखी नोंक-झोंक हुई।
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा कौशल रोजगार निगम की भर्तियों और प्रॉपर्टी आईडी घोटाले को लेकर हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने निगम की भर्तियों में बैकडोर एंट्री का आरोप लगाया और निगम को बंद करने की मांग की। सरकार के इंकार करने पर कांग्रेसी विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।

विज्ञापन


प्रॉपर्टी आईडी सर्वे की खामियों और निकाय मंत्री के राहुल गांधी की यात्रा, कांग्रेस के पूर्व नेताओं पर विवादित टिप्पणी करने के विरोध में कांग्रेसी विधायक वेल तक पहुंच गए। हमलावर हुए विपक्ष के जवाब में खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मोर्चा संभाला। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा और मनोहर लाल में तीखी बहस हुई। 

कांग्रेस विधायक किरण चौधरी की ओर से कौशल रोजगार निगम के तहत की जा रही भर्तियों में गड़बड़ी को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया। चौधरी ने आरोप लगाया कि निगम के तहत अपने चेहतों को नौकरियां दी जा रही हैं। टीजीटी और पीजीटी भर्तियां एचएसएससी और एचपीएससी से न करके कौशल निगम द्वारा की जा रही है।
विज्ञापन


चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी निगम की भर्तियों पर सवाल उठाए। एक महिला के दस्तावेज हुड्डा ने सदन में रखे, जिसे तीन दिन में हटा दिया। हुड्डा ने सरकार को चेताया कि निगम के तहत भर्तियां प्रदेश के युवाओं से खिलवाड़ है। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें हरियाणा के युवाओं की चिंता है और निगम में पूरी तरह से पारर्शिता से नौकरियां दी जा रही हैं। इसके बाद कांग्रेस विधायक सदन से वाकआउट कर गए। 

निकाय मंत्री ने भारत जोड़ो यात्रा पर हमला बोल
सदन में शहरी स्थानीय मंत्री कमल गुप्ता ने प्रापर्टी आईडी के मुद्दे पर राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में सरकारी साइट पर यात्रा के पोस्ट लगा दिए और टैक्स छूट के पोस्टर हटा दिए। गुप्ता यहीं नहीं रुके और उन्हें कांग्रेस के दिवंगत नेताओं पर भी विवादित टिप्पपणी कर दी। इस पर कांग्रेस विधायक गुस्सा गए और वेल तक पहुंच गए। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा द्वारा कड़ी आपत्ति दर्ज कराने के बाद स्पीकर ने विवादित शब्दों को कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद कांग्रेसी विधायक शांत हुए।

हुड्डा और मनोहर हुए आमने सामने, तीखी नोंक-झोंक
कौशल रोजगार निगम की भर्तियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा सरकार पर हमलावर रहे। उन्होंने निगम की भर्तियों को युवाओं से खिलवाड़ करार दिया। उन्होंने कहा कि इस भर्ती में पीपीपी में दर्ज आय के आधार पर नौकरियां दी जा रही है, जबकि आय की सत्यता क्या है। वह तहसीलदार या आय अधिकारी से सत्यापित नहीं है।

जरूरतमंद लोग बेरोजगार घूम रहे हैं और गलत आय दर्शा कुछ लोग नौकरी पा रहे हैं। दूसरा, निगम में भर्ती होने वाले युवाओं का भविष्य क्या है। न प्रमोशन है, न अधिक वेतन है। हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि निगम की भर्तियों को कोई क्राइटेरिया सार्वजनिक किया जाता और न ही मैरिट लिस्ट जारी की जाती है।

सरकार पारदर्शिता के केवल दावे कर रही है। बिना परीक्षा और आरक्षण ही नौकरी देना कहां तक ठीक है। पहले ठेकेदार यह काम करते थे, अब सरकार ही ठेकेदार बन गई है। प्रदेश सरकार खाली पड़े 1.80 लाख पदों को पक्की भर्ती के तहत भरे, न की निगम के तहत।

हुड्डा ने नए पोर्टल लाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि सारे काम पोर्टल ही करेगा तो फिर सरकार क्या करेगी। हुड्डा ने शेयर पढ़कर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और कहा, हमने देख लिया है आईना में चेहरा आपका, आपके दिल में कुछ और है मुंह पर कुछ और। 

मेरी चुनौती किसी विधायक का रिशतेदार नहीं लगा, नहीं चली पर्ची : मनोहर
जवाब में मुख्यमंत्री ने सदन में हुड्डा को चुनौैती देते हुए कहा कि कोई भी ये साबित कर दे कि निगम की पीटीजी-टीजीटी भर्ती में किसी भी विधायक का रिश्तेदार लगा हो। वह गारंटी लेते हैं कि यह भर्ती पारदर्शी हुई है। इस पूरी भर्ती में किसी भी प्रकार की पर्ची नहीं चली। विपक्ष को इसी बात की तकलीफ है कि सिस्टम ठीक क्यों हो रहा है, पहले पर्चियों के हिसाब से नौकरियां मिलती थी। विपक्ष बार-बार कहता है कि हम आएंगे तो पीपीपी खत्म कर देंगे, पोर्टल बंद कर देंगे, मैरिट फाड़ देंगे, लेकिन हमारी सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए और भी पोर्टल लाएगी।

पोर्टल आने से केवल दलाल लोग बेरोजागर हुए हैं। मनोहर ने कहा कि निगम की ओर से अपनाये जा रहे मानदंड को अब वेबसाइट पर डाला जाएगा। एक साल में केवल 20 हजार की सरकारी नौकरियां देना संभव है। पिछले 8 सालों में 1 लाख नौकरियां दी हैं और आने वाले समय में 50 हजार की और भर्ती कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने भी हुड्डा के शेयरों का शायराना अंदाज में जवाब देते हुए कहा, आइना उठाया न करो, उठाओ तो पहले खुद देखा करो। इसी प्रकार, आईना कहीं भी टूटता है तो नाम मेरा ही आता है, क्या मैं पत्थर हूं, जो मुझ पर ईल्जाम लगाया जाता है।
विज्ञापन

शून्यकाल में अन्य विधायकों ने भी उठाए अपने हलकों के ज्वलंत मुद्दे 
हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दूसरे दिन विधायकों ने शून्यकाल में अनेक मुद्दे उठाए। खनन ठेकेदारों के यमुना का प्रवाह बदलने पर खान एवं भूगर्भ मंत्री मूलचंद शर्मा घिर गए। रादौर से कांग्रेस विधायक बीएल सैनी ने स्पीकर के जरिये खान मंत्री से पूछा कि क्या ठेकेदारों का यमुना का प्रवाह बदलने का भी अधिकार दे दिया गया है। कार्रवाई करने के लिए सरकार ने कोई पैमाना तय किया है। यमुना का सीना लगातार खनन ठेकेदार और माफिया छलनी कर रहे हैं। तय एरिया के बाहर खनन हो रहा, किसानों से जबरदस्ती खनन पट्टों की सहमति ली जा रही है। 

उन्होंने सरकार को ग्राम और नगर दर्शन पोर्टल पर भी घेरा। सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पोर्टल पर मन की बात बताने को कहा था। रादौर वालों ने 252 बार बताई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सदन में न तो सीएम, डिप्टी सीएम और विकास एवं पंचायत मंत्री हैं, जहां भी उनकी बात सुन रहे हों, उनके हलके के लोगों के मन की बात पर कार्रवाई करें। तालाब प्राधिकरण अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो पा रहा। 

गलत जानकारी देने वाले अफसर होंगे विधानसभा में तलब 
गोहाना से कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक ने विधायकों के सवाल के जवाब में गुमराह करने वाली जानकारी देने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में डिप्टी सीएम के जरिये फर्जी राशन कार्ड रदद न होने को लेकर गलत जानकारी दिलवाई गई। राई मे ही 3400 राशन कार्ड फर्जी निकले हैं। रदद हुए 200 राशन कार्ड का डाटा उनके पास है। विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि लिखित में दो, गलत जानकारी देने वाले अफसर विधानसभा में तलब किए जाएंगे। मलिक ने गेस्ट टीचर्स को मेवात में भेजने, आंदोलनरत वेटरनरी सर्जन, पीटीआई शिक्षकों, आशा वर्कर्स की मांगें पूरी करने का मुद्दा भी उठाया। 

तीन फीसदी खेल कोटा सभी विभागों में लागू हो
महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि तीन फीसदी खेल कोटा तीन विभागों की भर्तियों तक सीमित कर दिया गया है, उसे सभी विभागों में लागू करें। ओपीएस को बहाल किया जाए। भर्तियों के साक्षात्कार में सीटों के 15-20 गुणा अभ्यर्थी बुलाए जाएं। नौकरी के लिए आंदोलनरत पुलिस भर्ती वाले युवाओं को सरकार हाईकोर्ट में सही पैरवी कर राहत दिलाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें