सुनारिया जेल में बंद डेरामुखी गुरमीत राम रहीम से 27 माह 27 दिन बाद उनकी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत ने सोमवार को अकेले में मुलाकात की। हनीप्रीत के अचानक मिलने पहुंचने पर इस बात का खुलासा हुआ कि जेल प्रशासन ने उसका नाम गुरमीत की पारिवारिक सूची में शामिल कर लिया है। सजायाफ्ता कैदी से मिलने के लिए सप्ताह में दो दिन तय होते हैं। उनसे मिलने वालों के दस लोगों का नाम जेल प्रशासन के पास होता है। हालांकि 9 दिसंबर को वह परिवार वालों के साथ राम रहीम से मिली थी।
मगर इस बार की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार राम रहीम से डेरा संबंधी सहित कई विषयों पर हनीप्रीत ने चर्चा की है। दो बजकर 27 मिनट पर हनीप्रीत जेल पहुंची। हनीप्रीत के जेल पहुंचने के बाद जेल प्रशासन की ओर से उसकी 20 मिनट राम रहीम से मुलाकात कराई गई। राम रहीम की राजदार बेटी हनीप्रीत के अकेले जेल पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है। हनीप्रीत के साथ ही डेरा की चेयरपर्सन शोभा इंसा और दो वकील संदीप कामरा व राजेंद्र सिंह भी साथ रहे।
25 अगस्त 2017 में हुई थी राम रहीम को सजा, पंचकूला में हुई थी हिंसा
सीबीआई की विशेष अदालत ने साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में राम रहीम को 25 अगस्त 2017 को सजा हुई थी। इसके चलते पंचकूला में हिंसा हुई, जिसके बाद देर शाम पुलिस राम रहीम को हेलीकॉप्टर से रोहतक की सुनारिया जेल लेकर पहुंची। उस समय हनीप्रीत भी साथ थी। इसके बाद पुलिस ने हिंसा के मामले में हनीप्रीत को भी पंजाब से गिरफ्तार किया था।
वह 2017 से लेकर 6 नवंबर 2019 को जमानत होने तक अंबाला की जेल में बंद रही। इसी नवंबर 2019 में उसे जमानत मिली थी। बाहर आकर हनीप्रीत ने सुनारिया जेल प्रशासन को राम रहीम से मुलाकात करने की अर्जी दी लेकिन जेल प्रशासन ने सिरसा एसपी की रिपोर्ट पर अर्जी खारिज कर दी। बाद में गृह मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद जेल प्रशासन ने हनीप्रीत को मुलाकात की अनुमति दी।