हरियाणा सरकार के नए वित्तायुक्त राजस्व की दौड़ में गृह सचिव और 1988 बैच के आईएएस टीवीएसएन प्रसाद सबसे आगे हैं। रैंक में उनसे वरिष्ठ चार आईएएस अफसरों में से दो तरुण बजाज और राजेश खुल्लर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि वीएस कुंडू 31 दिसंबर और एसएन राय 31 अक्तूबर 2022 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
वर्तमान वित्तायुक्त पीके दास 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। दास के पास राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का जिम्मा है। कुंडू की वरिष्ठता को दरकिनार कर ही दास को वित्तायुक्त के पद पर लगाया गया था। भाजपा नेता सुभाष बराला के बेटे के साथ पारिवारिक विवाद के बाद कुंडू को वरिष्ठता के हिसाब से सरकार में जिम्मेदारी नहीं मिली।
उनके बाद एसएन राय का नाम है, जो दो महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले हैं, इसलिए उनकी दावेदारी कमजोर है। उनका नाम भी विवादों से जुड़ा रहा है। ऐसे में वित्तायुक्त राजस्व के लिए गृह, जेल, सीआईडी, न्याय प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। उनकी सेवानिवृत्ति भी 31 अक्तूबर 2024 में है। पांच साल तक वित्त व योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रह चुके प्रसाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल के विश्वासपात्रों में शामिल हैं।
बिजली विभाग के लिए लॉबिंग
बिजली प्रदेश सरकार का बड़ा महकमा है, साथ में नवीन एवं नवीकरणीय अक्षय ऊर्जा विभाग जुड़ा है। बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ही इस समय सभी बिजली निगमों के चेयरमैन हैं। पीके दास के यह पद संभालने से पहले बिजली निगमों का चेयरमैन अलग होता था। डीजी विजिलेंस बनने से पहले आईपीएस शत्रुजीत कपूर इस पद पर थे।
दास की सेवानिवृत्ति के बाद बिजली निगमों के चेयरमैन और बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पद को अलग-अलग किया जा सकता है। चूंकि, दास को भविष्य में निगमों के चेयरमैन पद पर समायोजित किए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। ईमानदार छवि के साथ उनकी सरकार में अच्छी पैठ है। वह तीन महीने का सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति लेने के हक में नहीं हैं।
नवराज संधू के पास रह चुके गृह, वित्तायुक्त पद
हरियाणा पुलिस शिकायत प्राधिकरण की चेयरमैन नवराज संधू 2019 में एक साथ गृह सचिव और वित्तायुक्त राजस्व का पद संभाल चुकी हैं। उनकी नियुक्ति पहली अगस्त को गृह सचिव के पद पर हुई थी। उस समय उनके पास वित्तायुक्त राजस्व का पद भी था, जो सरकार ने उनके पास ही रखा कृषि विभाग उनसे लिया गया था। ऐसे में टीवीएसएन को गृह के साथ वित्तायुक्त का कार्यभार देने का रास्ता सरकार के लिए साफ है।