विज के मुताबिक चावला के पास प्रशासनिक काम भी हैं। कई चिट्ठियां भेजी जाती हैं तो उक्त अधिकारी जवाब नहीं देता था और चिट्ठियों के ढेर लगते जा रहे थे। कई बार विभाग की ओर से चेतावनी देने के बाद भी जब मसला नहीं सुलझा तो छापा मारकर यह कार्रवाई करनी पड़ी।
एडीजीपी एएस चावला के पास इस समय प्रशासन, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी का चार्ज था। तीनों ही महकमे बहुत महत्वपूर्ण थे। डायल 112 में तीनों विभागों के स्तर पर प्लानिंग होकर प्लानिंग को सिरे चढ़ाया जाना था। मंत्री खुद भी कई दिनों से डायल 112 को लेकर कई बयान दे चुके हैं, लेकिन नतीजा नहीं निकलता देख उन्होंने यह फैसला लिया।
- एडीजीपी आलोक कुमार राय अब अपने कार्यभार के अलावा दूरसंचार भी देखेंगे
- एडीजीपी नवदीप सिंह विर्क अपने कार्यभार के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी का कामकाज देखेंगे
- एडीजीपी कला रामचंद्रन अपने कार्यभार के अतिरिक्त इस्टेबलिशमेंट-1 शाखा, प्रशिक्षण और विधि संबंधित कामकाज देखेंगी