चंडीगढ़। रविवार से होलाष्टक का शुभारंभ हो गया है। अब आठ दिनों तक मांगलिक और शुभ कार्य बंद रहेंगे। होलाष्टक मृगशिरा नक्षत्र में शुरू हुआ है। होलिका दहन 28 मार्च को है। श्री देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि होलाष्टक होलिका दहन के साथ ही समाप्त होगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार फाल्गुन शुक्लपक्ष की अष्टमी से होलाष्टक शुरू होता है। अष्टमी तिथि से पूर्णिमा तक के आठ दिन को होलाष्टक कहा जाता है। इस दौरान मुंडन संस्कार, विवाह, नया कारोबार शुरू करना निषेध है। उन्होंने कहा कि भगवान की आराधना की जा सकती है। इसमें जप, तप और दान किया जा सकता है।