चंडीगढ़। टोक्यो एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम के सदस्य रहे बलबीर सिंह जूनियर के निधन पर हॉकी इंडिया ने शोक व्यक्त किया है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोबम ने श्रृद्धांजलि देते हुए शोक में डूबे परिवार के प्रति संवदेना प्रकट की है।
ज्ञानेंद्रो निंगोबम ने कहा कि बलबीर जूनियर के भारतीय हॉकी में दिए गए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। संसारपुर (जालंधर) में 2 मई 1932 को जन्मे बलबीर जूनियर शहर के सेक्टर-34 में रहते थे। रविवार को 89 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह दिल की बीमारी से पीड़ित थे। वर्ष 1951 में अफगानिस्तान दौरे के लिए उनका चयन भारतीय टीम में हुआ था। वर्ष 1984 से वह चंडीगढ़ में रह रहे थे। उनके निधन के अगले दिन पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ट्वीट कर उन्हें श्रृद्धांजलि दी थी। बलबीर जूनियर सेना से बतौर मेजर सेवानिवृत्त हुए थे। गौरतलब है कि एक साल के अंदर देश ने दो हॉकी के लीजेंड को खोया है। दोनों का संबंध चंडीगढ़ से ही है। पिछले वर्ष बलबीर सिंह सीनियर का देहांत हुआ था और उसके ठीक एक वर्ष बाद बलबीर सिंह जूनियर पंचतत्व में विलीन हो गए हैं।